लखनऊ : आने वाले लोकसभा चुनाव से पहले बिहार की राजनीति का पारा चढ़ता जा रहा है. ऐसा इस लिए कि यहां हर क्षण पासा पलट रहा है. दरअसल, पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा विपक्ष के महागठबंधन में प्रवेश कर चुके हैं. जिसके बाद राजनीति का गर्म होना लाजमी है.
आपको बता दें कि इस वक्त उपेंद्र कुशवाहा बिहार की राजनीति का अहम केंद्र बने हुए हैं. एनडीए में सीट बंटवारे के मुद्दे पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए रालोसपा अध्यक्ष ने बीते 10 दिसंबर को एनडीए का साथ छोड़ दिया.
वहीं कुशवाहा, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव, शरद यादव और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने गुरुवार को ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी यानी एआईसीसी के दिल्ली स्थित कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस किया. इस दौरान वरिष्ठ कांग्रेस नेता अहमद पटेल भी उपस्थित रहे. बिहार कांग्रेस के प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने कुशवाहा का महागठबंधन में स्वागत करते हुए कहा कि “महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर कोई दिक्कत नहीं होगी. कुर्सी के लिए यह गठबंधन नहीं किया गया है बल्कि देश की जनता की मांग के आधार पर यह निर्णय लिया गया है.”
वहीं, इस बारे में तेजस्वी यादव ने कहा कि “ये दलों का नहीं जनता के दिलों का गठबंधन है. लड़ाई देश और संविधान को बचाने की है.” जदयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव ने उपेंद्र कुशवाहा का अभिनंदन किया. बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने कहा कि आज जनता की मांग है कि “कांग्रेस और महागठबंधन के नेता आगे बढ़े.” इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में जदयू के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव, राजद के युवा नेता तेजस्वी यादव, हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल, अखिलेश प्रसाद सिंह और उपेंद्र कुशवाहा मौजूद थे.
