बुलंदशहर: जिले में हरियाणा रोडवेज के चालकों और प्रवासी मजदूरों ने बुलंदशहर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. हरियाणा रोडवेज़ के चालकों ने यूपी के अन्य जनपदों में प्रवासी मज़दूरो को ले जाने से साफ इंकार कर दिया है. यूपी के बुलंदशहर में बदइंतजामी और प्रशासन के अड़ियल रवैए के कारण आज हरियाणा रोडवेज़ के चालकों के गुस्सा फूट पड़ा.
बस अड्डे पर किया हंगामा
चालकों ने चेतावनी देते हुए रोडवेज़ बस अड्डे पर हंगामा किया और हरियाणा रोडवेज़ की बसो को यूपी के अन्य जनपदों में ले जाने से इनकार कर दिया. चालकों का साफतौर पर यही कहना है हरियाणा शासन ने हरियाणा रोडवेज की बसो में मजदूरों को बुलंदशहर में छोड़ने के लिए अनुमति दी है. जबकि बुलंदशहर प्रशासन उनपर यूपी के अन्य जनपदों में प्रवासी मज़दूरो को छोड़ने का दबाव बना रहा है. इसलिए वह हरियाणा रोडवेज की बसों में प्रवासी मजदूरों को लेकर यूपी के अन्य जनपदों में नहीं जाएंगे. चालकों का यह भी आरोप है कि उनको कोरोना से निपटने के लिए सेनेटाइजर, मास्क, ग्लव्स नहीं दिये जा रहे है.
समय पर खाना भी नहीं मिल रहा- बस स्टाफ
यहां तक कि बुलंदशहर प्रशासन हरियाणा रोडवेज़ के चालक और परिचालकों का खाना पानी भी उपलब्ध नहीं करवा रहा है. रोडवेज़ के चालक तीन दिन से थके हैं और सोए नहीं हैं. ऐसे में अगर मजदूरों से भरी रोडवेज़ की बस हादसे का शिकार हो गई तो इसका जिम्मेदार कौन होगा. हरियाणा रोडवेज़ के चालकों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए अन्य जनपदों में जाने से साफ इंकार कर दिया है. चालकों ने बाकायदा इसकी शिकायत पुलिस और प्रशासन के अफसरों से भी की है. हरियाणा रोडवेज़ के चालक पवन कुमार का कहना कि हरियाणा से यूपी आये मजदूरों को बुलंदशहर जिला प्रशासन रिसीव नहीं कर रहा है. सुबह सात बजे से मजदूर बसो में बैठे हुए हैं. खाने पीने की व्यवस्था भी नहीं है.
