दिल्ली: 2022 में ही दिलचस्प होता दिखाई दे रहा है दिल्ली दरबार का 2024 वाला दंगल. क्योंकि, दांव-दावे और दमखम की इस दौड़ में कांग्रेस ने भारत जोड़ो नाम की यात्रा के रोडमैप पर रंग-रोगन लगाया है. 150 दिन में 12 राज्यों से गुजरते हुए 3,570 किलोमीटर की दूरी तय करके, कांग्रेस दिल्ली की सत्ता के करीब होने की कोशिश करेगी. राहुल गांधी की ये यात्री किसी होटल में नहीं रुकेगी।
नीतीश कुमार का दिल्ली दौरा
देश की राजनीति के इस रणक्षेत्र को फहत करने के लिए कांग्रेस जहां कन्याकुमारी वाया कश्मीर होते हुए दिल्ली पहुंचने का प्लान बना रही है वहीं बिहार वाले नीतीश कुमार भी दिल्ली का रूख कर चुके हैं. 2024 की बिसात पर, विपक्षी एकजुटता की कवायद में, मुलायम सिंह से लेकर अखिलेश यादव तक, शरद पवार से लेकर डी राजा तक, केसीआर से लेकर केजरीवाल तक…तमाम गैरकांग्रेसी दलों के दिग्गजों के दिल पर दस्तक दे रहे हैं नीतीश कुमार…हालांकि, विपक्ष भी कह रहा है कि, हम साथ-साथ हैं, और हम लड़ेंगे इस उदास मौसम के खिलाफ।
बीजेपी का ‘मिशन-144’
अब विपक्ष जहां दांव, दावेदारी के दरमियां सरकार बनाने का अंकगणित सिद्ध करने के सूत्र तलाश रहा है…वहीं सत्तादारी बीजेपी के शिविर में चिंतन और मंथन उन 144 सीटों को लेकर हो रहा है, जो 2019 के चुनाव में जीत से दूर रह गई थीं. इन सीटों को अलग-अलग ग्रुप में बांटा गया है और हर ग्रुप का प्रमुख एक केंद्रीय मंत्री को नियुक्त किया गया है. वहीं राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा को छलावा बताते हुए, बीजेपी का तंज है कि, पहले खुद को तो जोड़ ले कांग्रेस।
विपक्ष का होगा मेल या बीजेपी कर देगी कोई खेल
2024 की बिसात पर राहुल जहां ‘भारत जोड़ने’ की जुगत में कांग्रेस से लोगों को जोड़ने में जुटे हैं, तो वहीं नीतीश कुमार भी गैरकांग्रेसी दलों को जोड़कर वर्चस्व दिखाने में लगे है…इन सबसे परे बीजेपी भी अपने मिशन मोड में है, कुलमिलाकर दिलचस्प हो रहा है 2024 का दंगल……ऐसे में सवाल ये है कि, इस दंगल में किसका कितना होगा मंगल…क्या विपक्ष का हो पाएगा मेल या बीजेपी कर देगी कोई खेल…?
