यूपी में तय हो गया सपा-बसपा का गठबंधन, कांग्रेस कर दी गई आउट !

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लखनऊ: तीन राज्यों में सरकार बनाने के बाद महागठबंधन में मुखिया बनने की कांग्रेस कोशिशों को बुआ-भतीजे ने बड़ा झटका दिया है. सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के इस बेहतरीन प्रदर्शन के बाद भी सपा-बसपा ने कांग्रेस को यूपी में गठबंधन से बाहर कर दिया है. कहा जा रहा है कि, सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव और बसपा अध्यक्ष मायावती ने यूपी की 80 लोकसभा सीटों के लिए गठबंधन का फॉर्मूला तय कर लिया है. लोकसबा चुनाव में ये दोनों मिलकर बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे और कांग्रेस को गठबंधन में शामिल नहीं करेंगे.

ये गठबंधन का फॉर्मूला!

इस गठबंधन में बसपा 38 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है!

समाजवादी पार्टी बसपा से 1 सीट कम यानि 37 पर चुनाव लड़ेगी!

अजित सिंह की रालोद और अन्य किसी को 3 सीटें मिलेंगी!

राहुल गांधी की अमेठी और सोनिया गांधी की रायबरेली सीट पर सपा-बसपा प्रत्यासी नहीं उतारेंगे!

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इस तरह होगा सीटों का बंटवारा
सपा-बसपा में 38 और सीटों पर चुनाव तो लड़ेंगे लेकिन पेंच फंसेगा कि, कौन सी सीट किस पर रहेगी. इसके लिए कहा जा रहा है जो सीट पर अभी जिसकी पार्टी जीती है वो उसी को मिलेगी. इसके अलावा रनरअप यानि जिन सीटों पर बीजेपी से मुकाबला करते हुए जो पार्टी दूसरे नंबर पर रही होगी वो सीट भी उसके खाते में जायेगी. कुछ सीटों का जातिगत आंकड़ों के आधार पर बंटवारा होगा.

कांग्रेस को बाहर रखने की वजह
80 लोकसभा सीटों वाले उत्तर प्रदेश के लिए सपा-बसपा ने जो फॉर्मूला तय किया है उसमें कांग्रेस को बाहर रखकर अजित सिंह के राष्ट्रीय लोक दल को शामिल किया गया है. इससे पहले हुए यूपी में गोरखपुर, फूलपुर और कैराना में हुए उपचुनाव में भी सपा-बसपा ने शामिल नहीं किया था. कैराना में तो रालोद के कैंडिडेट को सपा का टिकट दिया गया था. कांग्रेस को शामिल ना करने की जो अहम वजह बताई जा रही है वो ये कि, कांग्रेस अपना वोट सपा-बसपा को ट्रांसफर नहीं करा पाती है जबकि, सपा-बसपा का वोटर कांग्रेस के प्रत्याशी को वोट दे देता है.

सपा छोटे दलों पर दिखाएगी बड़ा दिल
सूत्रों की माने तो सपा इस गठबंधन में भी अपने कोटे की कुछ सीटें छोटे दलों को दे सकती है. 2 या 3 सीटों के अलावा रालोद अगर किसी और सीट पर मजबूत होने की स्थिति में सपा अपने हिस्से की सीट दे सकती है. निषाद और दूसरे दलों को साथ बनाए रखने के लिए सपा बड़ा दिल दिखाएगी.

इस दिन होगा गठबंधन का ऐलान
सूत्रों की मानें तो सपा-बसपा के इस गठबंधन का ऐलान जनवरी में संभव है. दरअसल, बसपा सुप्रीमो मायावती के जन्मदिन यानि 15 जनवरी पर ये ऐलान संभव है. इस बार लोकसभा चुनाव के चलते उनके जन्मदिन पर एक बड़ा आयोजन हो सकता है. इसमें गैर बीजेपी और गैर कांग्रेस दलों के दिग्गजों को न्यौता दिया जा सकता है. और इसी दिन इस गठबंधन का औपचारिक ऐलान हो सकता है.

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