लखनऊ/अमेठी : जनवरी के महीने में जहां पूरे उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ रही है. वहीं, आज अमेठी में सियासी पारा चढ़ने वाला हैं. शुक्रवार (4 जनवरी) को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी अमेठी दौरे पर हैं. 2014 के बाद पहली बार दोनों दिग्गज एक ही दिन अमेठी में होंगे. ऐसे में दोनों नेताओं के तंज से अमेठी का सियासी पारा गर्म होने की संभावना है.

आखिरी वक्त में बदला राहुल का शेड्यूल
संसद का शीतकालीन सत्र होने के कारण राहुल गांधी के अमेठी दौरे के शेड्यूल में अचानक बदलाव किए गए हैं. राहुल गांधी सुबह संसद के सत्र में हिस्सा लेंगे उसके बाद अमेठी का दौरा करेंगे. कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मिली जानकरी के मुताबिक, राहुल अब लखनऊ अमौसी एयरपोर्ट की जगह रायबेरली के फुरसतगंज उतरेंगे, जहां पार्टी के नेता उनका स्वागत करेंगे. इसके बाद राहुल शुक्रवार को अपने संसदीय क्षेत्र के गौरीगंज में अभिवक्ताओं के कार्यक्रम में शामिल होंगे.

स्मृति का कंबल वितरण कार्यक्रम
एक तरफ राहुल गांधी अमेठी में आम जनता से संवाद करेंगे, तो वहीं, दूसरी तरफ स्मृति ईरानी जनता को कंबल बांटने वाली हैं. इसके अलावा वह अमेठी में एक आवासीय विद्यालय की आधारशिला रखेंगी और सीएचसी गौरीगंज में सीटी स्कैन मशीन का उद्घाटन भी करेंगी. माना जा रहा है कि अगर जनता के संवाद के दौरान राहुल गांधी राफेल, नोटबंदी जैसे मुद्दों पर बीजेपी को घेरते हैं तो स्मृति ईरानी भी पलटवार कर सकती हैं.
कांग्रेस खेमे में बढ़ी बैचेनी
राहुल गांधी के गढ़ अमेठी में बीजेपी की सक्रियता और स्मृति ईरानी की मौजूदगी से कांग्रेसी खेमे में बेचैनी बढ़ गई है. दरअसल अमेठी गांधी परिवार की परंपरागत संसदीय सीट मानी जाती है. बीजेपी की स्मृति ईरानी ने 2014 में राहुल के खिलाफ चुनाव लड़ी थीं. हालांकि वो जीत नहीं सकी थीं, लेकिन उन्होंने अमेठी से नाता नहीं तोड़ा.
2014 में नरेंद्र मोदी की केंद्र में सरकार बनने के बाद स्मृति ईरानी को कैबिनेट मंत्री बनाया गया और तभी से वह अमेठी में बेहद सक्रिय हैं. महीने- दो महीने पर वो अमेठी आती रहती हैं. स्मृति ईरानी 15 दिन पहले भी यहां पहुंची थीं. इस दौरान उन्होंने 77 करोड़ की योजनाओं की सौगात दी थी. इसके अलावा स्मृति ईरानी ने दिवाली के मौके पर कई महिलाओं को साड़ी उपहार के रूप में भेजी थी. इतना ही नहीं बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी अमेठी में जनसभा कर चुके हैं.
