ताजमहल में नमाज और पूजा का क्या है विवाद?

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आगरा : ताजमहल में शुक्रवार के अलावा अन्य दिनों में भी नमाज पढ़ने की मांग को लेकर मुस्लिम संगठनों के द्वारा विरोध किया जा रहा है तो वहीं इसी बीच भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने पूर्वी और पश्चिमी गेट पर गजट नोटिफिकेशन चस्पा करा दिया. दरअसल, मंगलवार दोपहर 5 लोगों ने ताजमहल की मस्जिद में नमाज अदा की. जिसके बाद बुधवार सुबह ही नमाज के संबंध में भारत सरकार द्वारा जारी किए गए गजट की प्रतिलिपि को विभाग ने चस्पा कर दिया.

आपको बता दें कि चस्पा की गयी प्रतिलिति में सिर्फ शुक्रवार को ही नमाज के लिए ताजमहल खोलने की अधिसूचना जारी की गयी है लेकिन प्रतिबंध के बाद भी नमाज पढ़ने के बाद तनातनी बढ़ गयी. विरोध, विवाद और तनातनी के बीच अब इस विवाद में बजरंग दल ने भी अपना रुख साफ किया है. दल ने ऐलान किया है कि वह भी ताजमहल परिसर में पूजा-पाठ करेगा. दरअसल, ASI के बैन को ठेंगा दिखाते हुए ताजमहल इंतजामिया कमेटी (टीएमआईसी) के सदस्यों ने परिसर में नमाज पढ़ी. जब ऐसा करने से पुरातत्व विभाग के अधिकारीयों ने रोकने की कोशिश की तो वे नहीं माने.

आपको बात दें कि सुप्रीम कोर्ट ने इसी साल 19 जुलाई आदेश जारी किया था कि सिर्फ शुक्रवार को ही ताजमहल मस्जिद में नमाज अदा की जा सकेगी. इसके साथ ही कोर्ट ने कहा था कि स्थानीय लोग ही यहां नमाज अदा कर पाएंगे. लेकिन फिर भी मंगलवार को आधा दर्जन लोग ने परिसर में नमाज अदी की. आपको बता दें कि शुक्रवार को ताजमहल बंद रखा जाता है लेकिन नमाज के लिए सिर्फ 2 घंटे के लिए खोला जाता है.

इन विवादों के बीच हिंदूवादी संगठन बजरंग दल ने इस मामले में अपने पांव रखें है और विवाद को हवा देने में लगी है. बजरंग दल से जुड़े गोविंद परासर ने कहा कि “जब उन लोगों ने ताजमहल में आरती की मांग की थी उन्हें इसकी इजाजत नहीं दी गई थी. अब कैसे लोग नमाज पढ़ रहे हैं. इसलिए हम भी अब पूजा करेंगे.”

 

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