10 दिन बाद पहले चरण का मतदान, आखिर क्यों नहीं कर रहे बुआ-बबुआ प्रचार ?

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लखनऊ : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मेर में रैली कर बीजेपी के लिए चुनाव प्रचार अभियान का शंखनाद कर चुके हैं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी जिले जिले जाकर चुनावी रैलियां संबोधित कर रहे हैं, कांग्रेस की महासचिव भी वोट यात्रा और अमेठी रायबरेली और अयोध्या दौरा कर चुनाव प्रचार में लगी हैं, मगर समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के गठबंधन से अभी तक ना प्रचार का ऐलान भी नहीं हुआ है, हालांकि बीच में मायावती औऱ अखिलेश यादव की प्रस्तावित संयुक्त रैलियों की लिस्ट सामने आई थी, मगर अभी तक धरातल पर दोनों नेताओं में अकेले भी एक रैली को संबोधित नहीं किया है, ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर क्यों गठबंधन प्रचार अभियान में पिछड़ रहा है, या फिर ये कोई प्लानिंग का हिस्सा है.

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पार्टी के पास पैसे की कमी  ?
समाजवादी पार्टी
के प्रदेश अध्यक्ष नरेश गौतम का कहना है कि बीजेपी के पास अथाह पैसा है इसलिए वो धुआंधार प्रचार कर रही है, मगर गठबंधन के नेता और कार्यकर्ता बूथ स्तर पर लोगों को जोड़ने का काम कर रहे हैं, बजाय बड़ी रैलियों के.

नवरात्री के बाद शुरु होगा प्रचार अभियान
वहीं धीमे प्रचार अभियान पर पार्टी के नेताओं का कहना है कि अखिलेश यादव नवरात्रि के बाद से ही चुनाव प्रचार में निकलेंगे, उससे पहले नहीं. पहली संयुक्त सभा भी नवरात्रि में ही रखी गई है और उसके बाद ही राज्य के अन्य हिस्सों में भी संयुक्त रैलियां होंगी. हालांकि बीएसपी नेता मायावती की उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों में भी कई रैलियां प्रस्तावित हैं. मायावती नवरात्रि का इंतज़ार नहीं करेंगी और दो अप्रैल से उनकी ताबड़तोड़ सभाओं का सिलसिला शुरू हो रहा है. लेकिन शुरुआत उत्तर प्रदेश से नहीं बल्कि उड़ीसा से हो रही है.

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