Prayagraj: अब इसे लखनऊ जेल में गायत्री प्रसाद प्रजापति पर हमले का असर कहें या कुछ और. प्रयागराज की सेंट्रल नैनी जेल में बंद माफिया अतीक अहमद के बेटे अली अहमद को नैनी सेंट्रल जेल से हटाकर झांसी जेल शिफ्ट कर दिया गया है. अचानक 1 अक्टूबर को सुबह 6 बजे अचानक भारी पुलिस फोर्स नैनी सेंट्रल जेल अली को लेने पहुंचा, जिसके बाद उसे झांसी के लिए रवाना कर दिया गया. इस बदलाव को लेकर तमाम चर्चाएं चल रही हैं ।
नैनी जेल से झांसी जेल गया अली
प्रयागराज की सेंट्रल नैनी जेल के हाई सिक्योरिटी बैरक में बंद माफिया अतीक अहमद के बेटे अली अहमद को यहां से हटाकर झांसी जेल शिफ्ट कर दिया गया है. जेल प्रशासन के पास देर रात जेल ट्रांसफर का आदेश आया जिसके बाद अली को भारी पुलिस बल के साथ झांसी जेल के लिए रवाना कर दिया गया। नैनी जेल के वरिष्ठ जेल अधीक्षक विजय विक्रम का कहना है कि शासन के आदेश पर बुधवार को तड़के पुलिस फोर्स पहुंची जिसके बाद अली को उनके हवाले कर दिया गया. अली को झांसी जेल शिफ्ट किया गया है।
जेल ट्रांसफर पर जेल प्रशासन मौन
किस वजह से अतीक अहमद के बेटे अली अहमद को झांसी जेल भेजा गया फिलहाल साफ नहीं हो सका है. जेल प्रशासन की तरफ से इसकी कोई वजह सामने नहीं रखी गई । लेकिन नैनी जेल में रहते हुए अली अहमद की गतिविधियों को लेकर कई बार सवाल उठे थे। अली से मिलने गए अधिवक्ता द्वारा कैश दिए जाने वाला मामला चर्चा में रहा था । जिसके बाद प्रशासन ने जेल कर्मियों पर भी कार्यवाही की थी।
अली अहमद पर क्या है आरोप
प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद उसके बेटे अली समेत 13 लोगों के खिलाफ 2022 में 5 करोड़ की रंगदारी मांगने और न देने पर घर पर चढ़कर जानलेवा हमला करने की एफआईआर दर्ज हुई थी। धूमनगंज थाने में साबिर हुसैन की तहरीर पर यह एफआईआर तहत दर्ज हुई थी। इसमें आरोप लगाया गया कि पीड़ित से माफिया अतीक के बेटे अली और गुर्गे पांच करोड़ की रंगदारी मांग रहे थे और नहीं देने पर कई बार पीड़ित जीशान को जान से मारने की धमकी दी गई। माफिया अतीक अहमद उसके बेटे अली का नाम भी इसमें था। इसके अलावा प्रदेश के चर्चित उमेश पाल और दो सिपाहियों की 24 फरवरी 2023 को दिनदहाड़े हुई हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप भी अली पर था। बताया जाता है कि हत्या की साजिश जेल से ही रची गई। हत्यारोपी उमेश पाल के मर्डर से पहले नैनी जेल में अली से मिले थे। अली से मिलने वालों में बमबाज गुड्डू मुस्लिम, गुलाम, सदाकत शामिल थे। इसके बाद अली को भी उमेश पाल मर्डर केस में शामिल किया गया था।
