लखनऊः महागठबंधन का डंका जितना जोर से बजा था, उसके टूटने का आगाज भी उतने ही जोरों-शोरों से सुनाई दे रहा है. सपा- बसपा के कथित महागठबंधन के बिखरने के कायस तो लोकसभा चुनाव के बाद से ही लगाए जा रहे थे. बुआ-भतीजा की जोड़ी का जादू ज्यादा दिन तक नहीं चला और मायावती बुआ ने अपना रुख बदलते हुए महागठबंधन के टूटने का फरमान जारी कर दिया.
लोकसभा चुनावों के लिए किया था गठबंधन
आपको बता दें कि इसी साल 12 जनवरी को सपा-बसपा ने लोकसभा चुनाव के लिए उत्तर प्रदेश में महागठबंधन किया था. इसके तहत बसपा ने 40 सीटों पर चुनाव लड़ा था जबकि सपा ने 38 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे. अखिलेश ने कहा मुस्लमानों को ज्यादा टिकट नहीं.
रविवार 23 जून को बीएसपी की जोनल कोऑर्डिनेटरों और सांसदों की मीटिंग में मायावती ने अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा. मायावती ने अखिलेश को लोकसभा चुनाव में हार के लिए जिम्मेदार ठहरा दिया और आरोप लगाते हुए कहा कि “अखिलेश ने मुझे संदेश भिजवाया कि मुसलमानों को ज्यादा टिकट नहीं दूं. इसके पीछे धार्मिक आधार पर वोटों का ध्रुवीकरण होने का तर्क दिया गया. हालांकि मैंने उनकी बात नहीं मानी.”
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मायावती के इस बयान से देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश की सियासत में मुसलमान सियासी विमर्श के केंद्र में आ गए हैं. खुद को मुसलमानों की हितैषी बताती रही समाजवादी पार्टी सवालों के घेरे में आ गई है. सवाल उठने लगे हैं कि क्या सपा वास्तव में देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में मुसलमानों की भागीदारी की विरोधी है? सपा के अध्यक्ष ने आखिर मायावती से मुसलमानों को ज्यादा टिकट न देने के लिए क्यों कहा, सियासी गलियारों में इसे लेकर चर्चा शुरू हो गई है.
महागठबंधन एक बहुत बड़ी भूल
आम चुनाव में मनमाफिक नतीजे नहीं मिलने पर मायावती ने एसपी पर निशाना साधा था और यूपी में होने वाले विधानसभा उपचुनाव के लिए अकेले लड़ने का ऐलान किया और अब एक बार फिर बीएसपी चीफ ने समाजवादी पार्टी और मुलायम सिंह पर हमला किया है. उन्होंने कहा कि एसपी के साथ गठबंधन बड़ी भूल थी, जो नतीजे सोचे गए थे, वे एसपी की कमजोरी की वजह से नहीं आए. यहां तक कि चुनाव नतीजे के बाद अखिलेश ने मुझे फोन तक नहीं किया.’
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माया ने अखिलेश को बताया अपरिपक्व
माया ने कहा, ‘अखिलेश यादव गठबंधन के लिए पूरी तरह अपरिपक्व हैं. चुनाव के बाद कई दिनों तक मैं इंतजार करती रही कि वह आएंगे और बात करेंगे, लेकिन वह नहीं आए. ऐसी सूरत में एसपी के साथ गठबंधन बरकरार नहीं रखा जा सकता. एसपी की तरफ से जो सहयोग चाहिए था, वो हमे नहीं मिला. मैंने अखिलेश यादव को कई बार इसके लिए आगाह भी किया पर वह समझ नहीं सके और भितरघात होता रहा. लोगों में यह फैलाया जा रहा है कि हमारे 10 सांसद एसपी के सहयोग से जीते, लेकिन हकीकत यह नहीं है. अगर यह सच्चाई है तो यादव परिवार के लोग ही क्यों चुनाव हार गए? अखिलेश क्यों डिंपल को भी जितवा नहीं सके?’
ट्वीट करके दी महागठबंधन के टूटने की जानकारी
समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन को लेकर बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने अपना रुख साफ करते हुए ट्विटर पर लिखा कि पार्टी व मूवमेन्ट के हित में अब बीएसपी आगे होने वाले सभी छोटे-बड़े चुनाव अकेले अपने बूते पर ही लड़ेगी.
मायावती ने लिखा, ‘बीएसपी की आल इण्डिया बैठक कल लखनऊ में ढाई घण्टे तक चली. इसके बाद राज्यवार बैठकों का दौर देर रात तक चलता रहा जिसमें भी मीडिया नहीं था. फिर भी बीएसपी प्रमुख के बारे में जो बातें मीडिया में फ्लैश हुई हैं.वे पूरी तरह से सही नहीं हैं, जबकि इस बारे में प्रेसनोट भी जारी किया गया था.’
अगले ट्वीट में गठबंधन का जिक्र करते हुए मायावती ने लिखा, ‘वैसे भी जगजाहिर है कि सपा के साथ सभी पुराने गिले-शिकवों को भुलाने के साथ-साथ सन् 2012-17 में सपा सरकार के बीएसपी व दलित विरोधी फैसलों, प्रमोशन में आरक्षण विरूद्ध कार्यों एवं बिगड़ी कानून व्यवस्था आदि को दरकिनार करके देश व जनहित में सपा के साथ गठबंधन धर्म को पूरी तरह से निभाया.’
इसके बाद गठबंधन तोड़ने का ऐलान करते हुए मायावती ने लिखा, ‘लोकसभा आमचुनाव के बाद सपा का व्यवहार बीएसपी को यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या ऐसा करके बीजेपी को आगे हरा पाना संभव होगा? जो संभव नहीं है. पार्टी व मूवमेन्ट के हित में अब बीएसपी आगे होने वाले सभी छोटे-बड़े चुनाव अकेले अपने बूते पर ही लड़ेगी.’
ट्वीटर पर छिड़ी जंग
मायावती को करारा जवाब देते हुए दिंपल यादव लिखती है , ” चाची 420″ फ़िल्म बन गई और ये फ़िल्म हिट भी हुई दर्शकों ने इस फ़िल्म को काफी पसंद किया. “बुआ 420” फ़िल्म भी बननी चाहिए वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए.
