राम मंदिर को लेकर अब शुरू हुआ नया विवाद

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अयोध्या : राम जन्मभूमि परिसर में भगवान राम के मंदिर निर्माण के लिए जमीन को समतल किया जा रहा है. इस बीच मंदिर के प्रस्तावित मॉडल को लेकर नया विवाद शुरू हो गया. शनिवार को श्रीराम जन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य एवं दिगंबर अखाड़े के महंत सुरेश दास, डॉ. रामविलास वेदांती ने पुराने नक्शे व पत्थरों से नहीं बल्कि विशेष पत्थरों से विश्व का सर्वोत्तम मंदिर बनाने की मांग को लेकर बैठक की और प्रस्ताव पारित किया. बैठक में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के संतों की उपेक्षा का भी आरोप लगा.

मंदिर आंदोलन से जुड़े भी आए समर्थन में

रविवार को इस प्रस्ताव के खिलाफ मंदिर आंदोलन से जुड़े संत सामने आए. संतों ने कहा- कुछ लोग नहीं चाहते कि मंदिर दो-तीन साल में बन जाए. ये लोग ऐसी मांग कर निर्माण कार्य को 30 साल तक रोकना चाहते हैं. जो मॉडल करोड़ों लोगों के दिल में बसा है, मंदिर उसी मॉडल पर बनेगा. जो इसे बदलने की मांग कर रहे हैं, वे खुद भव्य राम मंदिर अपने जीवनकाल नहीं देख सकेंगे.

दिगंबर अखाड़ा में उठी थी ये मांग

दिगंबर अखाड़े में शनिवार को हुई बैठक में श्रीराम जन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य व दिगंबर अखाड़े के महंत सुरेश दास ने कहा- सभी संत चाहते हैं कि 500 वर्षों के बाद राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर बनाने का मौका मिला है,  इसलिए यह विश्व का शीर्ष मंदिर बने. न्यास के वरिष्ठ सदस्य डॉ रामविलास दास वेदांती ने कहा- जिन संतों ने खून बहाया, जेल गए उन्हें श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में पूछा तक नहीं गया. कहा- विश्व का सबसे ऊंचा मंदिर रामलला का बने और इसमें मकराना के पत्थर लगे यह सभी की इच्छा है. निर्वाणी अखाड़ा के महंत और मंदिर मामले के पक्षकार रहे धर्म दास भी शामिल थे.

नवीन नक्शा बनाने की मांग

संतों ने मांग करते हुए कहा नवीन नक्शा बनाकर मंदिर का निर्माण कराया जाए. क्योंकि अब संसाधन की कमी नहीं है. बैठक में महंत सिया किशोरी शरण, महंत अवधेश दास, महंत भरत दास, महंत जनमेजय शरण, महंत राम मिलन दास, महंत पवन कुमार शास्त्री, कृपालु महाराज, राघवेश दास, महंत नारायणा चारी मौजूद रहे.

क्या बोले संत

मंदिर के लिए सारी जिंदगी लगा दी: अयोध्या संत समित के अध्यक्ष संत कन्हैया दास ने कहा- मंदिर का 60 फीसदी काम हो चुका है. अब श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट इमानदारी से इसके तकनीकी निर्माण को जल्द शुरू करने के लिए काम कर रहा है. संतो को उसमें बाधा न पहुंचा कर सहयोग करना चाहिए. इससे जल्द भव्य राम मंदिर बन जाए. इसमें राम लला को देखने के लिए लोग आतुर हैं.

ट्रस्ट में शामिल शीर्ष संतों का निर्णय ही मान्य: महंत दिनेंद्र दास

श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य व निर्मोही अखाड़ा के महंत दिनेंद्र दास का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ही ट्रस्ट का गठन किया गया है. जिसमें देश के तमाम शीर्ष संत भी शामिल हैं. बैठक में प्रस्तावित राम मंदिर माडल के अनुरूप ही मंदिर निर्माण करने पर मुहर लग चुकी है. विरोध करने वाले हर काल व जगह पर मिलते हैं. प्रभु राम के कार्यकाल में भी उन्हें रावण जैसे विरोधी का सामना करना पड़ा. राम मंदिर के निर्माण में भी विरोधी अपना दांव खेलेंगे. ट्रस्ट उनको सुनते हुए अपने निर्णयों के मुताबिक काम करता रहेगा. वैसी मेरी सभी से अपील है कि राम जी के काम को पूरा करवाने में सहयोग करें, इसमें बाधाएं न खड़ी करें. उन्होने कहा कि महामंत्री चंपत राय व डॉ. अनिल मिश्र को काम करने की जिम्मेदारी दी गई है. वे सभी ट्रस्टियों से तालमेल करके व राय लेकर काम कर रहे हैं.

 

 

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