लखनऊ. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को बड़ा झटका लगा है. शनिवार को बसपा के 6 और बीजेपी का एक विधायक समाजवादी पार्टी में शामिल हो गया. जिसमें विधायक हरगोविंद भार्गव, असलम अली, हाकिम लाल बिंद, सुषमा पटेल, मुजतबा सिद्दकी, असलम राइनी और राकेश राठौर शामिल हैं.
खुद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में सभी 7 विधायकों को पार्टी की सदस्यता दिलाई. इस बीच अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अपने-अपने लक्ष्य के साथ बहुत लोग सपा में आना चाहते हैं. लेकिन समय आने पर उसके ऊपर से भी पर्दा उठेगा. उन्होंने कहा कि आने वाले चुनाव में भाजपा का सफाया होगा और ऐसे में भाजपा परिवार भागता परिवार ही दिखेगा.
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अखिलेश ने कूड़े में फेंक दिया संकल्प पत्र
उन्होंने कहा कि कल मैं सुना कि भाजपा ने 2017 में जो संकल्प पत्र दिया था उसे 90 फीसदी पूरा कर दिया गया है और बचा हुआ 2 महीने में पूरा हो जाएगा. लेकिन मुझे लगता है कि भाजपा ने एक बार 2017 में संकल्प पत्र बनाया और उसे कूड़े में फेंक दिया और उसका एक भी पन्ना नहीं पलटा है. हालांकि यह दावा करते हैं कि पन्ना प्रभारी बहुत बनाते हैं.
अखिलेश यादव ने पहले ही कहा था कि वो कई छोटी-छोटी पार्टियों और दमखम रखने वाले नेताओं को साथ जोड़कर चुनावी मैदान पर उतरेंगे. उन्होंने कुछ वक्त पहले ही मऊ में एक जनसभा से पहले सुभासपा के साथ गठबंधन कर सपा को मजबूती प्रदान की थी.
