कॉलेज में छात्रों से फर्जीवाड़ा, डिप्टी सीएम का करीबी है कॉलेज प्रबंधक!

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सुल्तानपुर: उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव मौर्य के करीबियों में शुमार सुल्तानपुर के एक भाजपा नेता के डिग्री कॉलेज में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स के साथ बड़े पैमाने पर धांधली होने के मामले का राज़फाश हुआ है. कॉलिज में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के करियर पर अंधेरे के बादल मंडराते देख छात्र सड़क पर उतर आए हैं. छात्रों का कहना है कि अगर मामले का हल नहीं निकला तो हम सुसाइड करने को भी मजबूर होंगे.

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क्या है मामला, कौन है मालिक?

दरअसल, जिले का गनपत सहाय पीजी कॉलिज अवध यूनिवर्सिटी अयोध्या से अटैच है. यहां पढ़ने वाले करीब 167 छात्रों ने प्रवेश पत्र के लिए 800-800 रुपए नगद जमा किए थे. लेकिन पैसा जमा करने के बावजूद भी इन छात्रों के प्रवेश पत्र नहीं आए. गनपत सहाय पीजी कॉलेज के प्रिंसिपल से जब छात्र छात्राओं ने इस प्रकरण को लेकर मुलाकात की तो पता चला कि छात्र छात्राओं को पैसा जमाकर जो रसीददी गई वो वो रसीद फर्जी है.जिससे कॉलेज में पढ़ने वाले इन 167 छात्रों का भविष्य अंधकार में पड़ गया है. वहीं प्रवेश पत्र ना मिलने से गुस्साए छात्र जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच गए, वहां जिलाधिकारी से मुलाकात ना होने पर उग्र छात्रों ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर दी. बता दें कि, इस कॉलेज के प्रबंधक जिले के वरिष्ठ बीजेपी नेता ओमप्रपकाश पांडेय बजरंगी है. बजरंगी पूर्व में इसौली सीट से बीजेपी के टिकट पर 2017 में विधानसभा का चुनाव लड़ चुके हैं. और अब इस कारनामे से उन्होंने पार्टी की साख पर भी दाग लगाने का काम किया है.

कॉलेज के काउंटर की रशीद फर्जी कैसे?

कॉलेज के प्रिंसिपल के मुताबिक पैसा जमा करने के बाद दी गयी पर्ची  फर्जी है. लेकिन सवाल उठ रहा है कि, कॉलेज के फीस काउंटर पर फीस जमा करने के बाद मिलने वाली पर्ची फर्जी कैसे हुई. इस प्रकरण के पीड़ित छात्रों का कहना है कि, हम सभी नें कॉलेज के फीस काउंटर पर ही अपनी फीस जमा कराई थो. अब बड़ा सवाल ये  है कि जब फीस काउंटर पर जमा हुई और फीस जमा करने के बाद मिलने वाली रसीद उस पर लगी मुहर और सिग्नेचर किसके हैं क्या छात्रों के भविष्य से जानबूझकर खिलवाड़ किया गया है. वहीं फीस की रशीद और मुहर के सवाल पर  कॉलिज प्रशासन कोई भी जवाब देने के बजाए अपना पल्ला झाड़ रहा है.

छात्रों ने आत्मदाह की दी चेतावनी

अपने भविष्य के फर्जीवाड़े के अंधकार में डूबता देख छात्र बेहद परेशान है. कहीं से सहायता ना मिलती देख छात्रों का कहना है कि, अगर अगर मामले का जल्द से जल्द निस्तारण नहीं किया गया तो हम लोग आत्मदाह करने को मजबूर होंगे.

छात्रों के समर्थन में उतरा SFI संगठन

छात्रों  के साथ हुई इस बड़ी धांधली ने जब तूल पकड़ना शुरु कर दिया है. एसएफआई संगठन भी आक्रोशित स्टूडेंट्स के समर्थन में आ गया.  एसएफआई नेता शशांक पांडये का कहना है कि, अगर जिला प्रशासन व कॉलेज प्रशासन ने जल्द मामले का निस्तारण नही किया तो एसएफआई जिला मुख्यालय पर बड़ा आंदोलन करेगा जिसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी.

सुल्तानपुर से नितिन श्रीवास्तव की रिपोर्ट

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