तपती धूप में पैदल अपने गांव पहुंच रहे प्रवासी मजदूर

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कानपुर: मई के इस माह में सूरज के तेवर दिनों दिन बढ़ते जा रहे है. सुबह से ही सूरज की तेज किरणें चुभने लगती है और दोपहर में तो मानो जैसे आग बरसा रही होती है. तेज गर्मी से बचने के लिए लोग घर से बाहर निकलने से परहेज करते दिख रहे हैं. पर अगर इस गर्मी में कोई पैदल या साइकिल से लंबा सफर तय करने के लिए निकल जाए तो आश्चर्य होता है. यह सच है कि देश के अलग-अलग हिस्सों से लगातार मजदूरों के पैदल आवागमन की खबरें सामने आ रही हैं. नगर से भी मजदूर पैदल जाते देखने को मिल रहे हैं. हाथों में बैग व कुछ राशन लेकर तपती धूप में पैदल सड़क पर चले जा रहे हैं.

भूखे प्यासे कर रहे सफर

कुछ मजदूरों से बात करने पर पता चला कि आर्थिक तंगी उन्हें पैदल चलने पर मजबूर कर रही है. मजदूरों ने बताया कि काम बंद था इसलिए उन्हें आर्थिक तंगी एवं रोजी-रोटी की समस्या होने की वजह से अपने घर वापस लौटने के लिए निकलना पड़ा है. मजदूरों ने बताया कि 6 से 7 दिनों में वे अपने गृह ग्राम तक पहुंच जाएंगे. इनकी घर पहुंचने की तड़प का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि भूखे प्यासे तक सफर कर रहे हैं.

अपना उत्तर प्रदेश के लिए कानपुर से वरिष्ठ संवाददाता फैज़ान हैदर की रिपोर्ट

 

 

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