अध्यापकों से नहीं ले सकेंगे गैरशैक्षिक कार्य: हाईकोर्ट

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प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सूबे के शिक्षकों की सालों से चली आ रही एक मुराद पूरी कर दी है. परिषदीय शिक्षकों को बड़ी राहत देत हुए इलाहबाद हाईकोर्ट ने शिक्षण कार्य के दौरान गैरशैक्षणिक काम करने पर रोक लगा दी है. यह आदेश सुप्रीम कोर्ट के उत्तर प्रदेश प्राथमिक संघ की याचिका में दिए गए निर्देशों के कारण दिया गया है.

क्या क्या काम करना पड़ता है
शिक्षकों पर जहां एक ओर गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई का दवाब रहता है वहीं. मतदाता सूची से लेकर तमाम गैरशैक्षिक कार्य करने पड़ते हैं. इसके लिए करीब 38 से ज्यादा अध्यापकों की याचिकाएं दाखिल की गई थीं. इन याचिकाकर्ताओं ने अदालत से कहा था कि, मणिभूषण शर्मा 42 अन्य केस मैं भी अदालत ने अध्यापकों से गैरशैक्षिक कार्य लेने पर रोक लगाई है. बावजूद इसके उस आदेश की अवहेलना करके भी अध्यापकों से कार्य लिया जा रहा है. अनिवार्य शिक्षा कानून और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के हवाले से हाईकोर्ट ने अध्यापकों से शैक्षिक अवधि में गैरशैक्षिक कार्य न लेने का आदेश दिया है.

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