लखनऊ: प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के राष्ट्रीय अध्यक्ष औऱ समाजवाीपार्टी से विधायक शिवपाल सिंह यादव एक बार फिर चर्चाओं में हैं. क्योंकि, शिवपाल सिंह की बगावत ने एक बार फिर उनके बीजेपी में शामिल होने की अटकलों को तेज कर दिया है. हालांकि, सूत्र बताते हैं कि, 19 अप्रैल को शिवपाल सिंह यादव अपने पुत्र आदित्य यादव और तमाम समर्थकों के साथ भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो जाएंगे. लेकिन उससे पले शिवपाल यादव ने अपने तेवर भी दिखाने शुरु कर दिए हैं ।
अपनी पार्टी के सभी प्रकोष्ठ किए भंग
शिवपाल यादव ने अपनी पार्टी के सभी प्रकोष्ठ भंग करने का ऐलान किया. आदित्य यादव की ओर से जारी पत्र में सभी प्रादेशिक और राष्ट्रीय प्रकोष्ठ भंग करने और तमा प्रवक्ताओं के पद भी भंग करने का पत्र जारी किया गया है. इसके बाद शिवपाल यादव के नए राजनीतिक कदम के और कयास और तेज हो गए है ।
बदले अंदाज में दिखे शिवपाल यादव- कॉमन सिविल कोड पर कही ये बात
समाजवदी पार्टी को मुस्लिम वोटों के समीकरण में सेक्यूलर दल की संज्ञा दी जाती है.मुलायम सिंह यादव पर भी तमाम तरह के आरोप और तंज सके जाते रहे हैं. लेकिन इधर शिवपाल यादव के तेवर और अंदाज एकदम अलग दिखा है. अंबेडकर जयंती के दिन शिवपाल यादव ने कहा कि,
अब वक्त है कि देश में समान नागरिक आचार संहिता को लागू किया जाए. इसके लिए अगर आंदोलन करना पड़ेगा तो भी उनके लोग आंदोलन करेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि चाहे डॉक्टर भीमराव अंबेडकर रहे हों या फिर लोहिया, सभी ने हमेशा कॉमन सिविल कोर्ट की वकालत की है.
बीजेपी तो लंबे समय से इसकी मांग उठाती रही है. बीते कुछ समय से जिस तरह से शिवपाल यादव सियासी संकेत दे रहे हैं ऐसे में उनका कॉमन सिविल कोड की बात करना ऐसी चर्चा को और जोर दे रहा है.
