माँ का कोई दिन नहीं होता साहेब, इनकी तो सदियां होती हैं – फैज़ान हैदर

कानपुर: आज का दिन किसी परिचय का मोहताज नहीं है। हर साल मई महीने के दूसरे रविवार को आने वाले इस दिन को पूरी दुनिया मदर्स डे के नाम से जानती हैं। और आज यानी 10 मई वही सुनहरा और ख़ास दिन है। ‘माँ’ जैसे शब्द और उसके एहसास का जश्न मनाने के लिए तो […]

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सुगन्धा त्रिपाठी के शब्दों में मां और सासू मां की परिभाषा…

इस लाकडाउन समय मे एक ही शहर मे रहने के नाते मुझे अपनी मां और सासू मां दोनो के साथ रहने को और बहुत कुछ सीखने समझने को मिला..इस अनुभव को मै कविता के माध्यम से बताना चाह रही हूं……। धरती पर मां ही तो होती है.. ईश्वर का स्वरुप जिसके बिना जीवन का ना […]

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