धनतेरस के दिन इस विधि से करें मां लक्ष्मी का पूज, बरसेगा धन!

धर्मकर्म

नई दिल्ली. हर साल दिवाली से दो दिन पहले धनतेरस मनाया जाता है. धनतेरस के दिन खरीदारी करना शुभ माना जाता है. चलिये आपको बताते है कि धनतेरस के लिये किस विधि के साथ विशेष पूजा करनी चाहिए जिससे की मां लक्ष्मी प्रसन्न हो. इस साल धनतेरस का त्योहार 2 नवंबर को मनाया जाएगा. शास्त्रानुसार इस दिन समुद्र मंथन के समय, अमृत का कलश लेकर धनवंतरी प्रकट हुए थे. इस कारण इस दिन को धनतेरस के रूप में मनाया जाने लगा और धनवंतरी के प्रकट होने के ठीक दो दिन बाद मां लक्ष्मी प्रकट हुईं थीं. यही कारण है कि हर बार दिवाली से दो दिन पहले ही धनतेरस मनाया जाता है.

इस दिन धनवंतरी देव की उपासना की जाती है. इस दिन को कुबेर का दिन भी माना जाता है और धन संपन्नता के लिए कुबेर की पूजा की जाती है.

इस विधि से करें धनतेरस की पूजा
1. धनतेरस के दिन हल्दी और चावल पीसकर उसके घोल से घर के मुख्य द्धार पर ‘ऊं’ बनाने से धन आयेगा.
2. व्यापार और अन्य धन संबंधी पत्राचार का कार्य करते समय उसमें हल्दी या केसर के छीटें लगा लिया करें, देवताओं को समर्मित पुष्प भी रख सकते हैं.
3. घर में लाल रंग की फटी साड़ी या अन्य लाल रंग का वस्त्र नहीं होना चाहिए. इससे अकस्मात धन हानि और श्रीहीन हो जाने का भय उत्पन्न होता है.
4. घर और तिजोरी में रुपये रखने के स्थान पर लाल रंग का वस्त्र अवष्य बिछाना चाहिए. इससे आर्थिक बरकत होती है.
5. धनतेरस की रात में पूजन के पश्चात 9 गौमती चक्र तिजोरी में स्थापित करने से साल भर समृद्धि बनी रहती है.

6. धनतेरस के दिन काली हल्दी लेकर शुद्ध करकें धूप-दीप दिखाकर, उसकें साथ 5 साबुत सुपारी और 5 कौड़ी लाल कपड़े में बांधकर चांदी की कटोरी या थाली में रखें. रात भर पूजन में रखकर सुबह अपनी तिजोरी में रखें.
7. स्फटिक या अष्टधातु का कछुआ घर में इस प्रकार रखें कि उसका मुंह अदंर की और हो. इसे धनतेरस के दिन लाना और रखना समृद्धिदायक होता है.

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8. काली हल्दी भी विषेश स्थान रखती है. उसे तिजोरी में इस दिन स्थापित करने से धन में वृद्धि होती है. इनमें लक्ष्मी को खींचने की असीम शक्ति होती है. ‘‘विष्णु सहस्रनाम’’ का पाठ और ‘‘लक्ष्मी सुक्त’’ की प्रार्थना करें. इससे धीरे-धीरे कर्जा उतरने लगता है.
9. नौकरी चाहने वाले व्यक्ति को धनतेरस की शाम पीली चने की दाल लक्ष्मीजी पर छिड़क देनी चाहिए. उन छिड़के दानों को परिवार का सदस्य न उठाए. श्रीमहालक्ष्मी पूजन के बाद व्यक्ति स्वंय उनको एकत्रित कर, बाहर पीपल के नीचे डाल आएं.
10. अगर आपके आर्थिक कार्यों में अधिक बाधाएं आती है तो आप धनतेरस से दीपावली तक लगातार 3 तीन दिन तक संध्याकाल में ‘‘श्री गणेष स्त्रोत’’ का पाठ करें. पाठ के बाद गाय को हरी सब्जी अथवा घास खिलाएं.

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