नोएडा : केंद्र की सत्ता में आसीन होते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्रामीण क्षेत्रों को विकसित करने के लिए एक-एक गांव गोद लेने का वादा किया था. पीएम मोदी से किए वादे के अनुसार सांसदों ने गांव तो गोद ले लिए, लेकिन विकास का वादा पूरा नहीं कर पाई है. दरअसल, इन दिनों सोशल मीडिया पर एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है. यह तस्वीर दादरी के गांव कचहैड़ा की बताई जा रही है.
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है फोटो
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही इस तस्वीर में एक बोर्ड है, जिस पर लिखा हुआ है कि बीजेपी पार्टी से संबंधित किसी भी शख्स का गांव में प्रवेश करना वर्जित है. गांव के किसानों ने ही इस बोर्ड पर यह लिखा है और इसकी वजह उनकी जमीन है.
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किसानों ने विरोध में लगाया है बोर्ड
गांव के किसानों का आरोप है कि बीजेपी सरकार ने काम करने के लिए बिल्डरों को उनकी जमीन दे दी. वहीं, एक किसान ने कहा कि जब उन्होंने इस कब्जे का विरोध किया तो उन पर लाठीचार्ज किया गया. एक किसान ने कहा कि जब उन्होंने अपनी आवाज को ऊंचे स्तर पर उठानी चाहिए, तो उसे भी दबा दिया गया.
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महेश शर्मा ने लिया था गांव को गोद
बता दें कि इस गांव को बीजेपी सांसद महेश शर्मा ने गोद लिया था. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गांव को गोद लेने के बाद दादरी तहसील के गांव कचहैड़ा समेत आसपास के करीब छह गांवों की जमीन को बिल्डर ने सीधा बैनामा कराकर किसानों से लिया था. किसानों को जमीन अधिग्रहण की शर्तो के मुताबिक मुआवजा और सुविधाएं देने का आश्वासन दिया गया था.
कांग्रेस ने बनाया निशाना
इस पर कांग्रेस ने तंज कसते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है. कांग्रेस प्रवक्ता जीशान हैदर ने अपना उत्तर प्रदेश से बात करते हुए कहा है कि, जिस तरह महेश शर्मा के गोद लिए गांव के बाहर बोर्ड लगा है, ऐसे ही बोर्ड पूरे देश में बीजेपी और उसके नेताओं के लिए लगने वाले हैं.
