लखीमपुर: ब्लॉक प्रमुख चुनाव में बम-गोली और बंदूक के साथ शहर-शहर मचा बवाल किसी से छिपा नहीं रहा. सीतापुर, कन्नौज, बुलंदशहर, बागपत, सिद्धार्थनगर सहित तमाम जिलों में वो जलजला देखने को मिला जिसने कानून व्यवस्था और सरकार की साख को कठघेरे में खड़ा कर दिया ।
लखीमपुर में लोकतंत्र का चीरहरण!
लखीमपुर में लोकतंत्र को सबसे शर्मासर करने वाली तस्वीर सामने आई यहां सत्ताधारी पार्टी के कारिंदों ने समाज और इंसानियत को शर्मसार करने वाली ऐसी घटना को अंजाम दिया कि, लोकतंत्र सिहर उठा. ये तस्वीर जिसने भी देखी वो बस ही कहता दिखा कि, ये लोकतंत्र का चीरहरण हैं. दरअसल,ब्लॉक प्रमुख चुनाव के नामांकन के दौरान लखीमपुर खीरी में सपा समर्थित प्रत्याशी रितु सिंह व उनकी प्रस्तावक से अभद्रता व साड़ी खींचने का मामला सामने आया. वो हालात क्या थे ये बयां करने के लिए तस्वीरें काफी हैं ।
सरकार ने की कार्रवाई
इस मामले के तूल पकड़ने के बाद योगी सरकार ने सख्त कार्रवाई की है. सरकार ने खीरी एसपी विजय ढुल ने इस मामले में पसगवां थाना प्रभारी आदर्श कुमार सिंह, इंस्पेक्टर (क्राइम) हनुमान प्रसाद, चौकी इंचार्ज बरवर महेश गंगवार, चौकी इंचार्ज जेबीगंज दुर्वेश गंगवार और उचौलिया चौकी इंचार्ज उग्रसेन को निलंबित कर दिया. वहीं भाजयुमो के जिला उपाध्यक्ष रहे यश वर्मा और कार्यकर्ता बृज सिंह को गिरफ्तार किया गया है। सपा प्रत्याशी ने इस मामले में पसगवां थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने बताया कि खीरी में इस घटना के दौरान सीओ समेत अन्य पुलिसकर्मी वहां मौजूद रहे, लेकिन मूकदर्शक बने हुए थे। इसे सीएम ने गंभीरता से लिया और कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
