बसपा विधायक ने थाने में घुसकर बंदी से की थी मारपीट, 8 साल बाद कोर्ट ने सुनाया फैसला

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कासगंज. उत्तर प्रदेश के कासगंज में पूर्व विधायक के थाने में घुसकर बंदी से मारपीट करने के मामले में कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है. बसपा सरकार में विधायक रहते हुए कोतवाली की हवालात में बंद आरोपी से मारपीट करने वाले तत्कालीन विधायक हशरत उल्ला शेरवानी को कासगंज के एमपी एमएलए कोर्ट ने दोषी मानते हुए सात साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है.

बता दें 22 मार्च 2011 में तत्कालीन बसपा विधायक ने ढोलना थाना क्षेत्र के किनावा गांव के रहने वाले शमशाद से कोतवाली ढोलना की हवालात में मारपीट की थी, जब थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों ने इस बात का विरोध किया था तो विधायक के समर्थकों ने थाने पर पथराव किया था. चूंकि उस समय बसपा सरकार थी, तो मारपीट करने वाले तत्कालीन विधायक हशरत उल्ला शेरवानी ने सत्ता की हनक के चलते अपने खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होने दी.

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8 साल की लंबी सुनवाई के बाद आया फैसला
घटना के बाद जब पीड़ित को पुलिस और जिला प्रशासन से न्याय की उम्मीद नहीं दिखी, तो उसने राज्य अल्पसंख्यक आयोग में शिकायत की, जहां आयोग के आदेश पर तत्कालीन विधायक समेत 9 लोगों पर मामला दर्ज कर लिया गया. मामले में 8 साल की लंबी सुनवाई के दौरान थाने पर उस समय उपस्थित रहे पुलिसकर्मियों की गवाही के आधार पर बीते 21 अगस्त को न्यायालय ने दोषी मानते हुए पूर्व विधायक को पुलिस हिरासत में लेने का आदेश पुलिस को दिया था.

कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने आरोपी विधायक को हिरासत में ले लिया है. एमपी एमएलए कोर्ट ने बसपा विधायक हसरत उल्ला शेरवानी व उनके 8 साथियों को 7 साल सश्रम कारावास सुनाई है, साथ ही पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है.

कासगंज से फहीम अख्तर की रिपोर्ट


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