लखनऊ: 19 सिंतर से शुरु हुए, 18वीं विधानसभा के, दूसरे सत्र का पहला दिन…सियासी तनाव और उस टकराव पर आ खड़ा हुआ…जिसके एक ओर अखिलेश यादव तो दूसरी ओर मोर्चे पर दिखाई दिए खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ. दरअसल, कानून व्यवस्था, किसानों की समस्या और महंगाई के मुद्दे पर, मानसून सत्र में सरकार को घेरने के लिए अपने विधायकों के साथ पैदल ही निकल पड़े सपा मुखिया अखिलेश यादव…लेकिन ऑफिस से निकलते ही और कुछ दूर चलते ही, पुलिस ने बेरिकेड लगाकर रोक दी पदयात्रा…बस फिर क्या विरोध में सड़क पर शुरु हो गई नारेबाजी।
सड़क पर ही डमी सत्र में कार्यवाही
अपने विधायकों के साथ सड़क पर ही धरने पर बैठ गए अखिलेश यादव…सड़क पर ही डमी सत्र में कार्यवाही भी चलाई गई…अब बात निकली तो सरकार तक गई…नियमों की अनदेखी पर सीएम योगी ने कहा कि, उम्मीद ही क्या की जा सकती है…।
राजभर ने बताया ‘ड्रामा’
अखिलेश यादव की इस पदयात्रा पर सियासी चाल भी तेज दिखाई दी…सुभासपा वाले ओमप्रकाश राजभर ने तो इसे नौटंकी बता दिया…।
अब हमें कोई मतलब नहीं: शिवपाल
मानसूत्र के पहले ही दिन, खुद दो खेमों में बंटा दिखाई दिया विपक्ष…राजभर ने जहां अखिलेश यादव पर निशाना साधा, तो वहीं सदन में आगे की सीट के सवाल पर चाचा शिवपाल भी अलग अंदाज में दिखाई दिए।
23 तक सत्र, मचेगा गदर!
मानसून सत्र में विपक्ष जहां मुद्दों को धार देकर सरकार को घरने की रणनीति बना रहा है…वहीं सरकार कह रही है कि, इन्हें जनता के मुद्दों से कोई मतलब नहीं है…वहीं मानसून सत्र के पहले दिन की इस महाभारत के बीच सवाल ये है कि, सड़क पर आई है जो लड़ाई, वो सदन में क्या तस्वीर बनाएगी. क्योंकि, पहले दिन दिखा है जो ट्रेलर अभी बकी है सियासी गदर!
