दिल्ली-NCR में ये बीमारियां पसार रही हैं पैर, कई लोग अस्पताल में भर्ती

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नोएडा : मौसम का मिजाज बदलते ही अस्पतालों में मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है. जिला अस्पताल समेत कई अस्पतालों में सुबह से देर शाम तक मरीजों की भीड़ देखने को मिल रही है. जिला अस्पताल में रोजाना ओपीडी में दो से तीन हजार मरीज पहुंच रहे हैं. इसमें ज्यादातर मरीज सर्दी-खांसी, जुकाम, बुखार और डायरिया के देखने को मिल रहे हैं. इसकी प्रमुख वजह है कि दिन में मौसम जहां गर्म हो रहा है, वहीं रात और सुबह में ठंड लग रही है. इसके चलते मौसमी बीमारियों से पीड़ित लोंगों की संख्या बढ़ने लगी है. खासकर इस मौसम में बच्चों और वृद्धों को ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

जिला अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा मरीजों का इलाज तो किया ही जा रहा है, साथ ही सर्दी और मौसमी बीमारियों के प्रकोप से बचने की सलाह भी दी जा रही है. गौरतलब है कि तापमान बढ़ने से लोगों को अभी भी गर्मी का अहसास हो रहा है. दिन हो या रात, बगैर पंखे के काम नहीं चल रहा है. इन दिनों मौसम के मिजाज से शहर में मौसमी रोग अधिक बढ़ रहे हैं. इन रोगों की गिरफ्त में बच्चे तथा बुजुर्ग अधिक आ रहे हैं. आलम यह है कि चाइल्ड पीजीआई में भी खासी अधिक भीड़ देखने को मिल रही है.

जिला अस्पताल की ओपीडी और पर्चा कक्ष में मरीजों और अटेंडेंट की काफी भीड़ देखने को मिल रही है. जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल में रोजाना दो से तीन हजार मरीज उपचार कराने के लिए पहुंच रहे हैं. वहीं, अस्पताल प्रबंधन के अधिकारियों ने बताया कि वैसे इन दिनों मौसम में बदलाव होने से मरीजों की संख्या बढ़ी है.

एसी-कूलर से लोग करें परहेज

जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉक्टर संतराम ने बताया कि बदलते मौसम के अनुकूल शरीर के तापमान को ढलने में थोड़ा समय लगेगा. ऐसे में गर्मी लगने पर तत्काल एसी और कूलर का प्रयोग न करें. रात में पंखे का इस्तेमाल भी संभल कर करें. धूप में अधिक समय तक बैठने से भी बीमार हो सकते हैं. अपने घर के आसपास पानी इकट्ठा न होने दें तथा साफ-सफाई रखें. बदलते मौसम में बुखार, त्वचा और पेट संबंधी बीमारियां हावी हो सकती हैं. ऐसी समस्या होने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें.

बच्चों का रखें ख्याल

इस मौसम में बच्चों के खानपान में ठंडी और अधिक मसालेदार वस्तुओं से परहेज रखें. रात में मच्छरदानी लगाकर सोएं. इसके साथ ही बच्चों को ऐसी जगह पर रखें जहां हवा का आदान प्रदान हो, बच्चों को पोषक तत्व समय पर दें. इसके साथ ही बच्चों को पानी में ज्यादा खेलने न दें. बच्चों के पानी में खेलने से वाटर बोर्न डिझिज की बीमारी का खतरा बढ़ जाता है. बच्चों को सर्दी अथवा खांसी आने पर तत्काल चिकित्सक से संपर्क करें.

पोषक तत्व का करें प्रयोग

इस मौसम में शरीर को ताकत देने के लिए दाल, दूध, दही, मट्ठा, पनीर और ड्रायफ्रूट्स का प्रयोग कर सकते हैं. इससे शरीर में पानी की मात्रा और पोषक तत्व बना रहता है, जो बीमारी से लड़ने में मदद करता है.

मौसम बदलते ही वायरस एक्टिव

जिला अस्पताल के डॉक्टर संतराम ने बताया कि मौसम परिवर्तन होते ही वायरस वैक्ट्रिया, फंगस एक्टिव हो जाते हैं. इसकी वजह से शरीर में रोग से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है. तभी सर्दी, खांसी, जुकाम, दस्त, टाइफाइड, डायरिया हो सकता है. इसके साथ ही मलेरिया और डेंगू के भी चांस बढ़ जाते हैं. इस मौसम में बच्चों और बृद्ध को ताजा खाना और साफ-सफाई का ध्यान दें.

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