नई दिल्ली: वित्तमंत्री पीयूष गोयल ने जब सदन के पटल पर अपने बजट का पिटारा खोला तो सभी को कुछ ना कुछ सौगात देने की बात कही, किसान-मजजूर के अलावा उन्होंने मिडिल क्लास के लिए जब टैक्स छूट का ऐलान किया तो संसद में जमकर मेज थपथपाई गईं और उसकी गूज देश के कौने-कौने में सुनाई पड़ी. गोयल ने ऐलान करते हुए कहा कि, 5 लाख रुपए तक की इनकम पर कोई टैक्स नहीं लगेगा, तब सबको लगा कि, 2.5 लाख रुपए टैक्स फ्री की तरह अब 5 लाख रुपए तक की इनकम भी पूरी तरह टैक्स फ्री हो गई, लेकिन ऐसा कतई नहीं हुआ है. बल्कि गोयल बाबू की ये वो गुगली है जो आप अभी नहीं समझ पाए तो टैक्स भरते समय आपको बोल्ड कर देगी. चलिए हम इस गुगली को समझाते हैं.
पीयूष गोयल के ऐलान को इन शब्दों में समझिए
वित्तमंत्री के रूप में पीयूष गोयल ने इनकम टैक्स की जब बात कही तो उन्होने Exemption नहीं बल्कि Rebate बोला, उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि, अब 5 लाख रुपए तक की आय पर Rebate दिया जायेगा और यह Rebate आपको 87(A)के तहत मिलेगा.
87Aक्या है?
दरअसल, गोयल ने जिस 87A के तहत Rebate का जिक्र किया है वो पहले से ही इनकम टैक्स पर पहले से लागू है. पहले 2.50 लाख की राशि टैक्स फ्री थी तो उसमें निवेश आदि जोडकर 3.50 कर रुपए पर टैक्स बच जाता था. वही अब 5 लाख होने के बाद करीब 6.50 या 7 लाख तक Rebate के जरिए टैक्स देने से बचा जा सकता है लेकिन उसके लिए निवेश खर्च आदि दिखाने होंगे.

इस उदाहरण से समझिए 5 लाख का पेंच
मान कर चलिए कि, आपकी तन्ख्वाह 8 लाख रुपए है. तो ऐसा नहीं होगा कि, 5 लाख की इनकम टैक्स फ्री होकर आपके बचे 3 लाख पर टैक्स लगेगा, नहीं ऐसा नहीं होगा बल्कि आपकी इनकम 5 लाख से 10 हजार रुपए उपर होने पर भी आपको पुराने टैक्स स्लैब में ही टैक्स देना होगा. हां अगर आपकी सैलरी का कैलकुलेशन अगर इस तरह से होता है कि, आपकी टोटल टैक्सेबल इनकम 8 लाख है और इसमें आपने NPS और 80C में 3 लाख निवेश करके अपनी टैक्सेबल आमदनी को 5 लाख तक दिखा दिया तब आपको कोई टैक्स नहीं देना होगा.
अगर 5 लाख 10 हजार हुई इनकम तो…
अगर किसी भी तरह आपकी इनकम 5 लाख 10 हजार रहती है तो आप पर पुराना टैक्स स्लैब ही लागू होगा. आपको केवल पहले की तरह 2.50 लाख रुपए पर ही टैक्स की छूट मिलेगी और पुराने टैक्स स्लैब के हिसाब से ही टैक्स देना होगा, यानि 5.10 हजार की इनकम पर 2.50 लाख की छूट और बाकी के 2.50 लाख पर 5 फीसदी का टैक्स और बाकी के 10 हजार पर या 5 लाख से जो भी उपर रकम है उस पर 20 फीसदा का टैक्स लगेगा.
‘केजरीवाल’ वाले उदाहरण से समझिए छूट का खेल!
दिल्ली में जब आम आदमी पार्टी की सरकार बनी तो दिल्लीवासियों को हर महीने 20हजार लीटर पानी फ्री देने की घोषणा हुई लेकिन शर्त ये थी कि, अगर 20 हजार लीटर से ज्यादा पानी खर्च किया तो सारे पानी का बिल देना होगा. यानि 5 लाख तक की आमदनी पर टैक्स नहीं लगेगा लेकिन अगर 5 लाख से 5 हजार भी ज्यादा हुई तो टैक्स देना ही होगा.
