सदन हो या मंच, सीएम योगी कहते हैं ठोक दो- अखिलेश यादव

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लखनऊ : सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गाजीपुर की घटना पर दुख जताया लेकिन साथ ही साथ मौजूदा सूबे की सरकार पर जमकर निशाना साधा और तंज कसा. इसके साथ ही इस पूरी घटना का जिम्मेदार सरकार को ठहराया. अखिलेश यादव ने गाजीपुर की घटना को भुनाते हुए इसे शासन-प्रशासन की नाकामी करार दी.

आपको बता दें कि बीते शनिवार को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली से लौट रहे पुलिस कर्मियों पर जबरदस्त पथराव किया गया. पथराव इतनी भीषण थी कि एक पुलिस जवान की मौत हो गयी और दो गंभीर रूप से घायल हो गए.

अखिलेश यादव ने क्या कहा?
इसी घटना को लेकर कहा कि अखिलेश यादव ने कहा कि पत्थर किसी एक ने मारा और अन्याय कितनों के साथ हो रहा है. अखिलेश ने कहा कि गाजीपुर में प्रधानमंत्री आ रहे थे ऐसे में खुफिया तंत्र के पास सूचनाएं थीं कि कहां लोग एकत्रित हो सकते हैं?

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उन्होंने ये भी कहा कि “यह घटना इसलिए हुई क्योंकि सदन हो या मंच, हर जगह मुख्यमंत्री यही भाषा बोलते हैं, ठोक दो. कभी पुलिस को समझ में नहीं आता कि किसे ठोकना है और कभी जनता नहीं समझ पाती कि किसे ठोकना है. पुलिस अधिकारी तबादला रुकवाने और पोस्टिंग के लिए एनकाउंटर कर रहे हैं. ऊपर के अधिकारी ठोको नीति पर चलते हैं तो थाने वाले भी यही करने लगे हैं. जेलों तक में यह संस्कृति पहुंच गयी है. जेल में मर्डर यूं ही नहीं हो जाते.”

अखिलेश यादव यहीं नहीं रुके, उन्होंने आगे सरकारी नौकरियों को लेकर सीएम योगी और बीजेपी सरकार को घेरा. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि “निषाद समाज का मुद्दा वही है जो बीजेपी ने उनसे कहा था. उस समय तो बीजेपी नफरत फैलाने में लगी थी. दुष्प्रचार कर रही थी कि सभी सरकारी नौकरियां यादव ले गए. ओबीसी में नौकरियों की गिनती कराई है. सभी की गिनती कराओ, तो पता चले किसे कितनी नौकरियां मिली हैं. उन्होंने कहा कि बीजेपी जातियों में नफरत फैलाने का काम करती है.”

क्या हुआ था गाजीपुर में?
आपको पूरी घटना के बारे में जानकारी दे दें कि गाजीपुर के थाना अटवा मोड के नुनहुरा इलाके में कुछ निषाद पार्टी के लोग प्रर्दशन कर रहे थे. ऐसे में रैली से लौट रहे पुलिसकर्मियों ने भीड़ को समझाने की पूरी कोशिश की लेकिन भीड़ और भी उपद्रवी हो गयी और पत्थरबाजी करने लगी. इस पथराव में पुलिस कांन्सेटबल सुरेश वत्स की मौत हो गयी.

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फिलहाल, यूपी सरकार ने पत्थरबाजी में मारे गए पुलिसकर्मी के परिवार को 50 लाख रुपये की मदद राशि देने की घोषणा की है. इसमें 40 लाख रुपये मुकेश वत्स की पत्नी को 40 लाख रुपये और उनके माता-पिता को 10 लाख रुपये दिए जाएगा. इतना ही नहीं मुकेश की पत्नी को असाधारण पेंशन और परिवार के एक सदस्य को मृतक आश्रित के तौर पर सरकारी नौकरी देने की भी सरकार ने घोषणा की है और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी. फिलहाल, कॉन्स्टेबल की मौत के मामले में पुलिस ने 32 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है.

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