विदेशी भाषा पर है आपकी पकड़, तो कंपनियां आपको देती हैं कई ऑफर

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सिर्फ डॉक्टर, इंजीनियर या बैंकिंग के माहिर लोग ही नहीं, बल्कि अगर आपकी भाषा दुरुस्त है तो देश ही नहीं, विदेश की कंपनियां भी आपके पीछे रहेंगी. दरअसल दुनिया इतनी सिमट गई है कि हर कोई अपने बाजार को बढ़ाने के लिए अलग अलग भाषाओं के विशेषज्ञों को अपनी कंपनी में ओहदे स्‍थान पर रखना चाहते हैंं. ऐसे में विदेशी भाषा का ज्ञान हो तो आप उस देश में भी आसानी से जीवन तलाश सकते हैं. यही नहीं, अपनी भाषा को चमकाकर आप डॉलर, यूरो और येन में लुभावनी वेतन के मालिक भी हो सकते हैं. ऐसे में फॉरेन लैंग्‍वेज कोर्स इन दिनों करियर बनाने का बेहतरीन विकल्‍प बन गया है.

इस विषय पर फॉरेन लैंग्‍वेज कोर्स की विशेषज्ञ शिखा पांडे ने बताया कि फॉरन लैंग्वेज में डिग्री, सर्टिफिकेट व डिप्लोमा व एडवांस्ड डिप्लोमा कोर्स किए जा सकते हैं. इनके लिए एलिजिबिलटी इंटरमीडिएट या समकक्ष होती है. कोर्स की अवधि की बात की जाए तो सर्टिफिकेट की अवधि 6 महीने से एक साल, डिप्लोमा 1-2 साल व ग्रैजुएशन के लिए 3 साल व पीजी के लिए 2 साल की अवधि निर्धारित है.

उन्‍होंने बताया कि इस कोर्स को पूरा कर आप विश्व व्यापार संगठन (WTO), संयुक्त राष्ट्र संगठन (UNO), विश्व बैंक (World bank) यूनिसेफ जैसी अंतरराष्ट्रीय संगठनों के अलावा एयरलाइन्स में भरपूर मौके तलाश सकते हैं. इसके अलावा पर्यटन, होटल, इंटरनैशनल मीडिया हाउस (प्रिंट, रेडियो, टी.वी) में न्यूज ट्रांसलेटर या बतौर रिपोर्टर करियर बना सकते हैं.

इसके अलावा देश की बड़ी कंपनियां जैसे थॉमसन, सैमसंग, एच.पी, ऑरेकल, हुंडई, एलजी आदि विदेशी भाषा के विशेषज्ञों को कंपनी में नियुक्त करते हैं. इसके अलावा यात्रा और पर्यटन क्षेत्र, होटल उद्योग, प्रदर्शनियों और मेलों, एयरलाइन कार्यालयों, निर्यात एजेंसियों, रेडियो स्टेशनों, व्यापार संगठनों को भी विदेशी भाषा के विशेषज्ञों की जरूरत होती है.

जॉब प्रोफाइल की बात की जाए तो आप यह कोर्स कर इंटरप्रेटर, ट्रांसलेटर, लैंग्‍वेज एक्‍सपर्ट, लैंग्‍वेज टीचर, फॉरन लैंग्वेज के स्किल्ड प्रोफेशनल्स आदि के रूप में कंपनी में अप्‍लाई कर सकते हैं. इसके अलावा भाषा अधिकारी, इंटरनेशनल न्‍यूज एजेंसी में रिपोर्टर, ऐडिटर के पद पर भी काम कर सकते हैं.

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