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बुलंदशहर : देश में बेरोजगारी सातवें आसमान पर है, ऐसे में देश के युवा आसानी से नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का शिकार हो दाते हैं. ठगी करने का काला कारोबार अब बढ़ता जा रहा है.ऐसे ही नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गैंग का पुलिस ने शनिवार को पर्दाफाश किया.

फ्लाईओवर के पास से हुए गिरफ्तार

बताया जा रहा है के गैंग के तार नौ राज्यों से तार जुड़े हुए थे.पुलिस को सूचना मिली की गैंग के कुछ सदस्य डीएवी फ्लाईओवर से गुजर रहे हैं.सूचना मिलने पर पुलिस ने देर रात कार सवार तीन शातिरों को गिरफ्तार कर लिया. हालांकि गैंग के सरगना की तलाश जारी है.

कई लोगों को बनाया ठगी का शिकार

पुलिस ने बताया कि जिले से ठगी के कई मामले सामने आ रहे थे, पुलिस की टीम लंबे वक्त से उन्हें दबोचने के लिए प्रयास कर रही थी.आखिर कार पुलिस की गिरफ्त में आ गए. आरोपियों के पास से पुलिस ने एक कार, आठ सीपीयू मय टीएफटी, केबल, एक लैपटॉप, 14 मोबाइल फोन, विभिन्न कंपनियों के 13 सिमकार्ड, विभिन्न बैंको के नौ एटीएम कार्ड, दो चेक बुक, एक एसबीआई पासबुक, दो आधार कार्ड, 20 रैम, एक मदरबोर्ड, लैंड लाइन रिसीवर,  दो एसएमपीएस, 11 कीबोर्ड, चार मॉडम,  आठ माउस, दो वेब कैमरा, दो हार्ड डिस्क, पांच हैंडबुक, दो नोटबुक, 14 रिज्यूम, ड्राइविंग लाइसेंस, दो मैट्रो ट्रेवल कार्ड,  पांच विजिटिंग कार्ड समेत अन्य प्रपत्र बरामद हुए हैं.

गाजियाबाद में बनाया था कार्यालय

आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उनका कार्यालय सेक्टर-2 सी वसुंधरा थाना क्षेत्र इंदिरापुरम में था, जहां आरोपी शाइन डॉट कॉम जॉब प्रोवाइडर साइट से लोगों का रिज्यूम खरीदते थे. पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह लोगों को कॉल व ईमेल के जरिए संपर्क करते थे. साथ ही नौकरी का झांसा देकर पहले सिक्योरिटी मनी के रुप में कुछ रुपये ऑनलाइन विभिन्न खातों में ट्रांसफर कराते थे. साथ ही आवेदक को रुपये लौटाने का वादा भी करते थे. आवेदकों को अलग-अलग कंपनियों के फर्जी इंटरव्यू पत्र उनके ईमेल पर भेज दिया करते थे. इसके अलावा आवेदक से रजिस्ट्रेशन फीस, ट्रेनिंग फीस व अन्य मद बताकर उनसे टुकड़ों में रुपये हड़प लिए जाते थे.

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