प्रयागराज : प्रयागराज कुंभ में आज मंगलवार को मकर संक्रांति पर पहला शाही स्नान जारी है. जहां एक ओर मकर संक्रांति के पर्व पर अखाड़े शाही स्नान कर रहे हैं, वहीं करोड़ों श्रद्धालु भी संगम की त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं. परंपरा के मुताबिक, सबसे पहले महानिर्वाणी अखाड़ा ने सुबह 6.15 बजे शाही स्नान किया.

शाही अखाड़ों के जूलुस का कार्यक्रम
महानिर्वाणी / अटल
06:15 – 06: 55 बजे
निरंजनी/आनन्द
07:05- 07: 45 बजे
जूना/अग्नि/आवाहन
08:00 – 08 : 40 बजे
निर्मोही
10:40 -11: 10 बजे

दिगम्बर
11:20 – 12:10 बजे
निर्वाणी
12:20 -12:50 बजे
नया पंचायती
13 :15 बजे-14:10 बजे
बड़ा पंचायती
14:20 – 15:20 बजे
निर्मल
15:40 -16:20 बजे
पोंटून पुलों का इंतजाम
संगम में 5 किलोमीटर के स्नान घाट पर आने-जाने के लिए विस्तृत सुरक्षा व्यवस्था की गई है और पोंटून पुलों का निर्माण किया गया है. कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए इन पुलों के सभी प्रवेश और निकास द्वारों पर सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है.
मंत्रों और भजनों से गूंजे घाट
मध्य रात्रि के बाद, देश और विदेश से मेले के लिए यहां जुटने वाले श्रद्धालु स्नान घाटों की ओर बढ़ने शुरू हो गए हैं. लोग भजन गा रहे हैं और मंत्रों का उच्चारण कर रहे हैं. घाटों पर दिवाली की तरह बेहतरीन रोशनी की गई है. घाट पर पहुंचे लोगों ने कड़ी सुरक्षा के बीच शाही स्नान शुरू होने का इंतजार किया.
13 अखाड़ों ने लिया शाही स्नान में भाग
सूर्योदय के ठीक पहले वह क्षण आ ही गया, जब आगंतुकों ने बेहद ठंडे जल में पवित्र डुबकी लगाई. करीब 13 ‘अखाड़े’ मंगलवार को ‘शाही स्नान’ में भाग लेंगे, जिसमें प्रत्येक को कुंभ के अधिकारियों द्वारा लगभग 45 मिनट दिया जाएगा. स्नान करने वालों की भारी भीड़ उमड़ रही है.
पीएम मोदी ने किया ट्विट
प्रधानमंत्री मोदी ने ‘शाही स्नान’ शुरू होने के तुरंत बाद ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट किया, जो मेले की आधिकारिक शुरुआत का प्रतीक था. कुंभ मेला हर छह साल में आयोजित किया जाता है, जबकि महा कुंभ 12 साल में होता है.
15 करोड़ श्रद्धालुओं का जमावड़ा
अधिकारियों के अनुसार, लगभग 15 करोड़ श्रद्धालुओं के इसका हिस्सा बनने की उम्मीद है. प्रशासन द्वारा ऐतिहासिक शहर और स्नान घाटों को जगमगाने के लिए 40,000 से अधिक एलईडी लाइटों का इस्तेमाल किया गया है.
4 मार्च को समाप्त होगा मेला
कुंभ मेला चार मार्च को समाप्त हो जाएगा, संयोग से उस दिन महा शिवरात्रि भी पड़ रही है.
नहीं कर पाएंगे अक्षयवट के दर्शन
प्रयागराज में कुंभ के प्रमुख स्नान के दौरान अक्षयवट के दर्शन नहीं हो सकेंगे. मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआइटी) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कुंभ मेला प्रशासन ने यह निर्णय लिया है. एडीएम कुंभ दिलीप कुमार त्रिगुनायत की मानें तो इन पर्वो पर भारी भीड़ उमड़ने का अनुमान है. इसलिए पर्वो पर अक्षयवट का दर्शन नहीं हो सकेगा.
