तो क्या एक और भूकंप के बाद दिल्ली अब ढहने वाली है ?

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दिल्ली :  बुधवार को एक बार फिर दिल्ली और एनसीआर में सुबह सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए, बुधवार सुबह दिल्ली एनसीआर में बारिश भी हुई. बताया जा रहा है कि भूकंप का केन्द्र दिल्ली के उत्तर में स्थित बागपत में था, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बागपत में बुधवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए जिसकी रिक्टर पैमाने पर तीव्रता 4.0 मापी गई. राष्‍ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, भूकंप सुबह 7.59 बजे आया.

नहीं हुआ कोई नुकसान

भूकंप के झटके राष्ट्रीय राजधानी सहित पड़ोसी क्षेत्र में भी महसूस किए गए. ऊंची इमारतों में कई लोग भूकंप के झटके महसूस करने के बाद बाहर निकल आये. हालांकि इसके किसी तरह के नुकसान की कोई सूचना नहीं है, मगर एक बार फिर वही सवाल खड़ा हो गया आखिर दिल्ली में इतने भूकंप क्यों आते हैं और क्या वाकई में ये कोई बड़े खतरे का इशारा तो नहीं

जोन 4 में आती है दिल्ली

भूकंप वैज्ञानिकों ने भारत को 4 जोन में बांटा है, मैक्रो सेस्मिक जोनिंग मैपिंग में भारत को 4 जोन में बांटा गया है और इसमें जोन-5 से जोन-2 भी शामिल है. जोन 5 को सबसे ज्यादा संवेदनशील बताया गया है वहीं जोन-2 सबसे कम संवेदनशील यानी जोन-5 ऐसा इलाका जहां भूकंप आने की आशंका सबसे ज्यादा है और सबसे ज्यादा नुकसान, जोन 4 जिसमें दिल्ली एनसीआर शामिल है उसमें में सबसे ज्यादा नुकसान की संभावना होती है, जोन 3 को मोडरेट डैमेज रिस्क जोन करते हैं और जोन-2 ऐसा क्षेत्र है जहां भूकंप आने की आशंका सबसे कम होती है.

ज्यादा तीव्रता वाला भूकंप आया तो तबाह हो जाएगी दिल्ली

दिल्ली जोन 4 में आती है. दिल्ली हिमालय के निकट है जो भारत और यूरेशिया जैसी टेक्टॉनिक प्लेटों के मिलने से बना था. धरती के भीतर की इन प्लेटों में होने वाली हलचल की वजह से दिल्ली, कानपुर और लखनऊ जैसे इलाकों में भूकंप का खतरा सबसे ज्यादा है. दिल्ली के पास सोहना, मथुरा और दिल्ली-मुरादाबाद तीन फॉल्ट लाइन मौजूद हैं, जिसके चलते भूकंप की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता.

 

 

 

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