सऊदी अरब के प्रिंस का AMU से ये है दशकों पुराना नाता

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अलीगढ़ : अलीगढ़ मुस्लिम युनिवर्सिटी अक्सर विवादों में घिरी रहती है, समय-समय पर युनिवर्सिटी से संबंधित कोई ना कोई विवादित खबर सामने आ ही जाती है, मगर इस बार युनिवर्सिटी कैंपस से जो खबर सामने आई  है उसका संबंध भारत दौरे पर आए सऊदी अरब के प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से है.

प्रिंस के दादा आए थे एएमयू

इन दिनों सऊदी अरब के प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान भारत दौरे पर है, लेकिन 1955 में जवाहर लाल नेहरु सरकार के दौरान उनके दादा किंग शाह सऊद बिन अब्दुल अजीज भी भारत दौरे पर आए थे, इस दौरान वो अलीगढ़ युनिवर्सिटी भी आए, एक विशेष दीक्षांत समारोह में उन्होंने शिरकत की थी, उस समय डॉ. जाकिर हुसैन कुलपति और बोहरा समुदाय के धर्मगुरु सैयदाना ताहिर सैफुद्दीन चांसलर थे, किंग को उस समय डॉक्टरेट ऑफ लॉ की उपाधि दी गई साथ ही, एएमयू छात्रसंघ ने किंग को छात्रसंघ की आजीवन सदस्यता दी थी.

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एएमयू को दिए थे 1 लाख रुपए

एएमयू दौरे के अगले साल जब 1956 में युनिवर्सिटी का एक प्रतिनिधिमंडल सऊदी अरब गया था तो किंग शाह सऊद बिन अब्दुल अजीज ने एएमयू के मेडिकल कॉलेज के लिए 1 लाख रुपए दिये थे, उस समय के हिसाब से ये बहुत बड़ी रकम थी.

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अरब से आए खजूर के पेड़ आज भी मौजूद हैं

1875 में मोहम्डन एंग्लो ओरियंटल स्कूल शुरू करते समय सर सैयद अहमद ने अरब से खजूर के दो पेड़ मंगवाकर परिसर में स्थित स्ट्रैची हाल के बाहर लगवाए थे, ये दोनो पेड़ युनिवर्सिटी परिसर में आज भी मौजूद है, इन्ही पेड़ों को युनिवर्सिटी का मोनोग्राम बनाया गया है.

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