इस्लामिक मान्यताओं के मुताबिक पाक महीना रमजान में जन्नत के सभी दरवाजे खुल जाते हैं. इस दौरान व्यक्ति के द्वारा किए गए सभी अच्छे कार्यों का फल कई गुना मिलता है.
रहमतों और बरकतों के पाक महीने रमजान में सभी रोजेदारों के लिए एक जैसे ही नियम लागू किया गया है, लेकिन प्रेग्नेंट महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के लिए इन नियमों में कुछ बदलाव दिए गए हैं. तो आइए आपको बताते हैं रोजे के दौरान प्रेग्नेंट महिलाओं को किन-किन बातों का खास ध्यान रखना चाहिए.
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रोजे के दौरान प्रेग्नेंट महिलाएं रखें इन बातों का खासतौर से ध्यान-
अगर किसी गर्भवती महिलाएं का बल्डप्रेशर ज्यादा या कम होता रहता है, तो ऐसी महिलाओं को रोजा नहीं रखना चाहिए.
रोजे के दौरान किसी गर्भवती महिलाएं को ऐसा महसूस हो कि गर्भ में पल रहा उनका बच्चा पेट में गतिविधि नहीं कर रहा है या कम कर रहा है तो आप उसी समय रोजा तोड़ दें.
अगर आपको पेशाब कम या गहरे रंग का आ रहा हैं ऐसमें आप रोजा तोड़ सकती हैं.
अगर किसी गर्भवती महिला को रोजा के दौरान अचानक से शरीर में कमजोरी महसूस होने लग जाए तो वो रोजा तोड़ सकती है.
खाने में बरतें ये सावधानी
गर्भवती महिला को सुबह सहरी खना कभी नहीं छोना चाहिए, क्योंकि इस समय पेट भर खाने से पूरे दिन आपके शरीर में ऊर्जावान बनी रहती है.
गर्भवती महिलाए हो सके तो आप अपनी सेहरी में भीगे हुए बादाम,फल, जूस और दूध का सेवन करें.
इस तरह के खाने पर दें जोर
खासतौर से गर्भवती महिलाओं को पूरे दिन खुद को एनर्जी से भरपूर्ण रखने के लिए खाने में ज्यादा फाइबर वाला आहार जैसे पनीर,चिकन,अंडे और मल्टीग्रेन रोटी का सेवन करना चाहिए. ऐसा करने से आपके शरीर में ताकत बनी रहेगी और रमजान के महीने में आप बेहद आसानी से रोजा रख सकोगे.
