लखनऊ : गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आजमगढ़ में बीजेपी उम्मीदवार दिनेश लाल यादव के समर्थन में रैली की, रैली में हजारों की संख्या में समर्थक जुटे, इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के गठबंधन पर जमकर हमला बोला, पीएम के आजमगढ़ दौरे के बाद सपा सुप्रीमो ने शुक्रवार को होने वाले सभी कार्यक्रम रद्द कर दिये हैं, शुक्रवार को आजमगढ़ में चुनाव प्रचार का आखिरी दिन है, मगर उससे पहले ही अखिलेश ने अपने सभी कार्यक्रमों को निरस्त कर दिया है,हालांकि स्थानीय सपा समिति ने इसके लिए प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है
‘सरकार के दवाब में जिला प्रशासन’
समाजवादी पार्टी के नेता हवलदार यादव का कहना है कि महागठबंधन के जीत और बीजेपी की हार की हताशा में सत्ता के दवाब में जिला प्रशासन चुनाव को रद्द कराने का बहाना ढूंढ रहा है. इसलिए चुनाव प्रचार के आखिरी दो दिन पहले चुनाव मद में होने वाले खर्च की पूर्व निर्धारित दरों को संशोधित कर दिया है. इस कारण अखिलेश यादव की जनसभाओं को निरस्त कर दिया गया है.बता दें, आजमगढ़ सीट पर 12 मई को मतदान होना है. शुक्रवार को चुनाव प्रचार शाम पांच बजे तक थम जाएगा. इससे पहले अखिलेश यादव यहां कई जनसभाओं को संबोधित करने वाले थे, लेकिन चुनाव खर्च को लेकर पेंच फंस जाने के कारण अब उन्होंने अपने कार्यक्रमों को रद्द कर दिया.
70 लाख रुपये तक खर्च कर सकते हैं प्रत्याशी
आयोग की गाइडलाइन के मुताबिक, एक प्रत्याशी अपने चुनाव के दौरान 70 लाख रुपये तक खर्च कर सकता है. इसमें चुनाव कार्यालय के खर्चों से लेकर प्रचार और जनसभाओं में होने वाले खर्चे शामिल होते हैं. माना जा रहा है कि अखिलेश यादव 70 लाख रुपये के चुनाव खर्च के पास पहुंच गए हैं. ऐसे में अगर जनसभाओं के बाद वह 70 लाख की लिमिट पार करते हैं तो आयोग उन पर कार्यवाही कर सकता है.
