लखनऊ: अलीगढ़, कुशीनगर और हमीरपुर में मासूम बच्चियों से हैवानियत की घटनाओं के बाद नाराज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के पेंच कसे हैं. महिला अपराधों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस अधिकारियों को को तत्काल एंटी रोमियो दस्ते को सक्रिय करने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने पुलिसंग के साथ-साथ डायल-100 को भी और अधिक सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं. मुक्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा है कि, किसी भी कीमत पर महिला सुरक्षा को तार-तार करने वाले बख्शे नहीं जाने चाहिएं.
महिला सुरक्षा पर अधिकारियों संग मीटिंग
सोमवार देर शाम चली मीटिंग में पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह, मुख्य सचिव, गृह सचिव, महिला कल्याण सचिव और पुलिस के सीनियर अफसर शामिल रहे. तीन घंटे तक चली इस मीटिंग में सीएम ने महिला सुरक्षा को लेकर ही मंथन किया. सीएम ने जुलाई में स्कूल खुलने से पहले सुरक्षा का पूरा कैलेंडर तैयार करने के भी निर्देश दिए हैं
कार्यालयों से बाहर निकलें बड़े अधिकारी
प्रभावी पुलिसिंग और अपराध नियंत्रण के लिए सीएम ने आलाअधिकारियों को भी नसीहत दी. वरिष्ठ अधिकारियों को कार्यालय में बैठे रहने के बजाए क्षेत्र में भ्रमण करने की समीक्षा भी की. इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि, एडीजी, आईजी एवं डीआईजी जैसे तमाम बड़े अफसर भी फील्ड में निकलें लोगों के बीच जाएं. पुल्स कप्तान अलग-अलग थानाक्षेत्रों में प्रतिदिन भ्रमण करें. निरंतर फुट पेट्रोलिंग (गश्त) की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए. डायल 100 के वाहन व्यापारिक इलाकों के साथ-साथ संवेदनशील स्थानों पर भी खड़े रहनेचाहिएं. बड़े पुलिस अधिकारी इनकी रेंडम चेकिंग करें.
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जुलाई में जागरूकता प्रोग्राम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जुलाई में स्कूल खुलने के साथ ही तमाम स्कूलों में महिला सुरक्षा को लेकर जागरुकता कार्यक्रम अभियान चलाने के भी निर्देश दिए हैं. सीएम ने अधिकारियों से कहा कि, इसके लिए अभी से कैलेंडर तैयार कर लिया जाए. महिला हेल्पलाइन 181 और वीमेन पावर की लाइन 1090 को भी अधिक सुदृढ़ किया जाए और हर महीने इसकी समीक्षा हो.
