लखनऊ : 2017 में भले ही अखिलेश यादव चुनाव हार गए हो मगर उनकी पार्टी पैसों के मामले में क्षेत्रीय दलों में नंबर वन की पोजिशन पर है.क्षेत्रीय दलों में समाजवादी पार्टी सबसे अमीर पार्टी है. एक रिपोर्ट से इस बात का खुलासा हुआ है. एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स ने साल 2016-17 और 2017-18 के आंकड़े जुटाकर विभिन्न क्षेत्रीय दलों की कुल संपत्ति की जानकारी दी है. इस रिपोर्ट के मुताबिक समाजवादी पार्टी के पास कुल 583.29 करोड़ की संपत्ति है. और ये आंकड़ा सभी क्षेत्रीय दलों की कुल संपत्ति का 46 फीसदी है.
उत्तर प्रदेश बीजेपी के पास भी नहीं इतना पैसा
अगर समाजवादी पार्टी के पैसों की बात करें तो इतना पैसा बीजेपी की उत्तर प्रदेश इकाई के पास भी नहीं है. क्षेत्रीय दलों की सबसे अमीर पार्टियों में दूसरा नंबर डीएमके का है. डीएमके के पास कुल 191.64 करोड़ की संपत्ति है. ये सभी क्षेत्रीय दलों की कुल संपत्ति का 15 फीसदी है. इसके बाद एआईएडीएमके का नंबर आता है. एआईएडीएमके के पास कुल 189.54 करोड़ की संपत्ति है. इन तीन पार्टियों के अलावा टीडीपी ऐसी चौथी पार्टी है, जिसके पास 100 करोड़ की संपत्ति है. इन चार पार्टियों के अलावा 8 दूसरी क्षेत्रीय पार्टियों ने 10 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति बताई है. आम आदमी पार्टी का नंबर 13वां है. उसने कुल 6 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति का ऐलान किया है.
बीते दो वर्ष में जेडीयू की संपत्ति तीन गुना बढ़ी
इन दो वर्षों में जेडीयू की संपत्ति में सबसे ज्यादा इजाफा हुआ. जेडीयू की संपत्ति तीन गुना बढ़ी है. जेडीयू की संपत्ति 3.46 करोड़ रुपए से बढ़कर 13.78 करोड़ रुपए हो गई. इसी दौरान टीआरएस की संपत्ति 14.49 से बढ़कर 29.04 और जेडीएस की संपत्ति 7.61 करोड़ रुपए से बढ़कर 15.44 करोड़ रुपए हो गई.
2016-17 में कुल 39 क्षेत्रीय पार्टियों ने अपनी संपत्ति का ऐलान किया था. इनके पास कुल 1,267.81 करोड़ की संपत्ति थी. 2017-18 में कुल 41 क्षेत्रीय दलों ने अपनी संपत्ति के बारे में बताया. इनके पास कुल 1,320.06 करोड़ रुपए की संपत्ति थी.
200 गुना बढ़ी समाजवादी पार्टी की संपत्ति
एडीआर ने पिछले साल भी इसी तरह की रिपोर्ट जारी की थी. इस रिपोर्ट में समाजवादी पार्टी की संपत्ति के 200 गुना बढ़ने का पता चला था. एडीआर ने 2011-2 से लेकर 2015-16 के बीच क्षेत्रीय दलों की संपत्ति की पड़ताल की थी. पता चला कि इस दौरान समाजवादी पार्टी की कुल संपत्ति में करीब 200 गुना का इजाफा हुआ था. एआईएडीएमके भी इसमें आगे थी. इस दौरान एआईएडीएमके की संपत्ति में 155 गुना की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई. 2011-12 के दौरान समाजवादी पार्टी ने 212.86 करोड़ की संपत्ति की ऐलान किया था. जो 2015-16 में बढ़कर 634.96 करोड़ हो गई. ये 198 गुना ज्यादा थी. इसी तरह से 2011-12 में एआईएडीएमके ने 88.21 करोड़ संपत्ति की जानकारी दी थी, जो 2015-16 में बढ़कर 224.87 करोड़ रुपए हो गई. इस दौरान शिवसेना की संपत्ति में 92 गुना का इजाफा हुआ था. 2011-12 में शिवसेना के पास 20.59 करोड़ रुपए थे, जो 2015-16 में बढ़कर 39.568 करोड़ रुपए हो गए थे.
कमाई से ज्यादा खर्च किए
इसी तरह से 2016-17 के दौरान भी समाजवादी पार्टी सबसे अमीर पार्टी थी. इस दौरान समाजवादी पार्टी ने 82.76 करोड़ रुपए की कमाई की थी. हालांकि इसी दौरान पार्टी ने 147.10 करोड़ रुपए खर्च भी कर दिए. 2016-17 में कमाई से ज्यादा खर्च इसलिए हुआ क्योंकि उसी दौरान यूपी के चुनाव हुए थे. समाजवादी पार्टी ने चुनाव प्रचार में खूब पैसा खर्च किया था. हालांकि उसके बावजूद अखिलेश सरकार सत्ता में वापसी नहीं कर पाई. लेकिन सबसे अमीर क्षेत्रीय पार्टी का उसका तमगा अब भी बरकरार है.
