खनन घोटाले की खनक, दो पूर्व डीएम समेत 12 पर FIR, गर्माई राजनीति

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के गलियारों में एक बार खनन की खनक गूंज रही है. इस खनक में आरोप प्रत्यारोप का दौर भी तेजी से पकड़ रहा है, सहारनपुर अवैध खनन मामले में सीबीआई (CBI)के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय(ED) ने भी आरोपियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने खनन मामले में सहारनपुर (SAHARANPUR) के दो पूर्व जिलाधिकारियों सहित करीब 12 लोगों पर FIR की है. इससे पहले सीबीआई भी इस मामले में FIR करा चुकी है सीबीआई (CBI) ने 30 सितंबर को इस मामले में एफआईआर दर्ज करके साहरनपुर सहित करीब 11 जिलों में छापेमारी की थी. इडी ने सीबीआई की एफआईआर को आधार बनाते हुए अपनी कार्रवाई में सहारनपुर (SAHARANPUR) में जिलाधिकारी रहे पवन कुमार और अजय सिंह समेत 12 लोगों पर नामजद मामला दर्द कराया है.

FIR में किस-किस के नाम
दो पूर्व डीएम पवन कुमार और अजय सिंह के अलावा पट्टाधारकों को नामजद किया गया है. इनमें महमूद अली, दिलशाद, नसीम अहमद, मो इनाम, विकास, अमित जैन, मुकेश जैन, मोहम्म्द वाजिद और मृतक महमूद आलम का नाम शामिल है.

क्या हैं आरोप?
दोनों जिलाधिकारियों पर आरोप है कि, सहारनपुर (SAHARANPUR)में साल 2012 से 2015 के दरमियान इन्होंने अपनी तैनाती में नियमों को ताक पर रखकर 13 खनन पट्टे जारी किए थे. ये वो समय था जब हाईकोर्ट ने नए पट्टे जारी करने और पुराने पट्टों के नवीनीकरण पर रोक लगा रखी थी.

8 IAS अफसरों पर पहले ही दर्ज है FIR
उत्तर प्रदेश में हुए खनन घोटाले को लेकर अब तक 8 IAS अधिकारियों पर सीबीआई और ईडी की एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं. इनमें आईएएस बीचंद्रकला, अभय सिंह, विवेक कुमार, देवीशरण उपाध्याय, संतोष राय, जीवेश नंदन, पवन कुमार, अजय सिंह का नाम शामिल है. उस वक्त हुई छापेमारी में राजनीति भी गरमाई थी. और एक बार फिर आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है.

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