लखनऊ: अगर आप सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं. और उस पर अपने विचार लिखते हैं तो उसमें भी अगर आप किसी तरह की भड़काऊ पोस्ट लिखते हैं तो अपनी ये आदत सुधार लीजिए क्योंकि, ऐसे पोस्ट से ना केवल सामाजिक ताना-बाना बिगड़ता है बल्कि पुलिस के लिए भी सिरदर्द होता है. हालांकि, सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वाले और भड़काऊ पोस्ट लिखने वालों से उत्तर प्रदेश पुलिस (UP Police) इन दिनों सख्ती से निपट रही है.
डीजीपी ने कहा…
उत्तर प्रदेश पुलिस (UP Police) के मुखिया डीजीपी ओपी सिंह (DGP OP Singh) ने मंगलवार को कहा कि, अयोध्या (Ayodhya) मामले में फैसले के मद्देनजर सूबे की पुलिस एकदम अलर्ट है और जबतक इसकी जरुरत होगी पुलिस अलर्ट स्थिति में रहेगी. साइबर पेट्रोलिंग के जरिए पुलिस तमाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नजर बनाए हुए है. पुलिस के लिए ये चुनौती का समय था लेकिन एक सप्ताह बीतने के करीब अभी तक कहीं कोई अप्रिय घटना की खबर नहीं हैं.
अबतक 99 गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश में अफवाह फैलाने के मामले में अब तक करीब 70 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. 270 से ज्यादा सोशल मीडिया अकाउंट के बारे में आगे की कार्रवाई के लिए रिपोर्ट की गई है. औऱ ऐसे लोगों पर सख्ती के साथ दूसरे लोगों को भी शांति और सहयोग का संदेश दिया जा रहा है.
हर जिले को सेक्टर और जोन में बांटा
डीजीपी ओपी सिंह (DGP OP Singh)ने बताया कि, जिला स्तर पर हर जिले को जोन और सेक्टर में बांटा गया है. 8 पुलिस जोन बड़ी रणनीति पर काम कर रहे हैं, इनके अलावा डीजी सीएपीफ अपने अधिकार क्षेत्र के सभी विभागों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं.
कैसे रखी जा रही नजर, कैसे लेतें हैं तुरंत एक्शन
डीजीपी के मुताबिक एक विशेष टीम को तमाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसे मैसेज (भड़काऊ-अफवाह) पर रोक लगाने की जिम्मेदारी दी गई है. पुलिस मुख्यालय में बनी सोशल मीडिया ईकाई खुद को टैग किए गए पोस्ट का संज्ञान लेती है और आपत्तिजनक सामिग्री हटवाकर विधिक कार्रवाई करते हैं. फर्जी खबर की तुरंत जांच की जाती है उसका खंडन जारी कराया जाता है. करीब तीन लाख डिजिटल वॉलंटियर भी इस काम में लगे हैं.
शिकायत के लिए व्हाट्सअप नंबर जारी किया है
ऐसी अफवाह और भ्रामक खबरों की शिकायत के लिए 8874327341 नंबर जारी किया गया है. इस नंबर पर फर्जी पोस्ट की सूचना दी जा सकती है. अयोध्या के फैसले पर किसी को भी जश्न या जुलूस की इजाजत नहीं दी गई है.
