बुलंदशहर: देश की सबसे बड़ी अदालत भले ही पर्यावरण और सुरक्षा के लिहाज से पटाखों पर बैन लगा रही हो, या फिर पटाखे चलाने के लिए सिर्फ 2 घंटे की इजाजत दे रही हो. लेकिन बुलंदशहर में पटाखा फैक्ट्री मालिक नियम कानूनों का ताक पर रखकर ना सिर्फ भारी संख्या में पटाखा निर्माण कर रहे हैं. बल्कि बच्चों की सुरक्षा से भी खिलवाड कर रहे हैं और प्रशासन आंखे मूंद कर गहरी नींद में सोया हुआ है.
बच्चों से बनवा रहे पटाखे
डिबाई थानाक्षेत्र के दानपुर में बच्चों से आतिशबाजी तैयार करवाई जा रही है. बारुद का कारोबार करने वाले माफिया यहां जंगलों में अवैध फैक्ट्री लगाकर प्रशासन की नाक के नीचे बच्चों से बारुद बनवा रहे हैं. लेकिन प्रशासन को इसकी सुध नहीं है. प्रशासन को ना तो इन बच्चों की परवाह ना ही नियमों का ख्याल. बता दें कि, इसी दानपुर में बीते चार अप्रैल को एक मकान में जबरदस्त विस्फोट हुआ था. उस वक्त भी बारुद में धमाके की बात कही गई थी उस घटना में दो बच्चों की मौत हो गई थी. बावजूद इशके प्रशासन अभी तक नहीं चेता है.
पिछले साल भी बच्चों से बनवाए गए पटाखे
इस साल की तरह पिछली साल भी दानपुर में बच्चों से पटाखे बनवाए जा रहे थे. लेकिन जब इन माफियाओं का खुलासा हुआ तब जाकर प्रशासन की नींद खुली थी. प्रशासन ने इन माफियाओं पर कार्रवाई करते हुए इनका कारोबार बंद करवा दिया था. पिछली बार की तरह इस बार भी बच्चों से बारुद बनवाई जा रही है. इसकी अनुमति किसने दी इसका जवाब किसी के पास नहीं
प्रशासन ने की कार्रवाई की बात
हर बार की तरह इस बार भी प्रशासन कार्रवाई की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ता दिख रहा है. डिबाई एसडीएम ने कहा है कि अगर किसी नाबालिग से बारुद बनवाया जा रहा है तो उसपर जरुर कार्रवाई की जाएगी.
