लखनऊ : योगी सरकार प्रदेश के करीब एक करोड़ 80 लाख छात्र छात्राओं और उनके अभिभावकों को बड़ी राहत देने की तैयारी में है. कोरोना के चलते जितने दिन स्कूल बंद रहे उतने दिन के मिड डे मील का राशन इन छात्र छात्राओं को उपलब्ध कराया जाएगा. इतना ही नहीं मिड डे मील की कन्वर्शन कॉस्ट यानी उसे पकाने का खर्च भी दिया जाएगा. कोरोना महामारी के हालात को देखते हुए ये योजना बनाई गई है.
बैंक खातों में भेजा जाएगा पैसा
प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री डॉ. सतीश द्विवेदी ने बताया कि इसे लेकर योजना बना ली गयी है. योजना के अंतगर्त कोरोना के चलते जितने दिन स्कूल बंद रहे उतने दिन के लिए प्रति छात्र उसको दिए जाने वाले खाद्यान का हिसाब लगाया जाएगा. इसके बाद प्रति छात्र उसके हिस्से में जितना खाद्यान बनता है वो उसे उपलब्ध कराया जाएगा. इसके साथ में खाना पकाने के लिए एक छात्र पर जो भी खर्च होता है वो रकम भी छुट्टियों के दिन के हिसाब से उनको दी जाएगी. इसके लिए स्कूल खुलने पर अभिभावकों के बैंक खाता नंबर लिए जाएंगे. DBT के माध्यम से ये पैसा भेज जाएगा.
केन्द्रीय शिक्षा मंत्री से चर्चा के बाद फैसला
बेसिक शिक्षा मंत्री ने बताया की मंगलवार को केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने सभी राज्यों के शिक्षा मंत्रियों साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की थी. उसमें बताया कि केंद्र सरकार गर्मी की छुट्टियों में भी मिड डे मील देने की व्यवस्था कर रही है. ऐसा होने पर गर्मी की छुट्टियों में भी छात्र छात्राओं को मिड डे मील योजना का लाभ मिलेगा.
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