दिल्ली: शराब पर मचे सियासी संग्राम को केजरीवाल के सियासी गुरु अन्ना हजारे की एक चिट्ठी ने और चिंगारी दे दी है. दरअसल, अन्ना हजारे ने आप सरकार की नीयत और शराब नीति पर सवाल उठाते हुए लिखा है कि, आपने शराब नीति बनाई है उसको लेकर तमाम खबरें आती हैं और इन खबरों से बड़ा दुख होता है.जैसे शराब का नशा होता है, वैसे सत्ता का नशा होता है. आप भी ऐसी सत्ता के नशे में डूब गए हो”
“आपकी कथनी और करनी में फर्क”
केजरीवाल की कथनी और करनी में फर्क का तर्क देते हुए अन्ना हजारे ने अपनी इस चिट्ठी में लिखा कि,
स्वराज नाम की किताब में तो बड़ी आदर्श बातें लिखी थीं, फिर आंदोलन का नुकसान करके आपने पार्टी बना ली, लेकिन सरकार बना कर भी लोकपाल और लोकायुक्त सब भूल गए।
अपनी इस चिट्टी में अन्ना हजारे ने एक के बाद एक कई सवाल उठाए हैं आखिर में अन्ना हजारे ने लिखा है कि,
“आप भी पैसे से सत्ता और सत्ता से पैसा के दुष्चक्र में फंसे हो, आंदोलन से उपजी पार्टी को ये सब शोभा नहीं देता”
आप बोली “अन्ना का कंधा BJP की बंदूक”
अन्ना हजारे की इस चिट्ठी ने दिल्ली की सियासी फिजा को और गरमा दिया है. आप नेता दुर्गेश पाठक ने कहा कि, अन्ना हजारे को इस्तेमाल किया जा रहा है. अन्ना के कंधे पर रखकर बीजेपी बंदूक चला रही है।

CBI ने खंगाले सिसोदिया के बैंक लॉकर
डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के घर पर छापे के बाद बैक लॉकर भी खंगाले गए. वसुंधरा के पंजाब नेशनल बैंक पहुंची टीम ने मनीष सिसोदिया और उनकी पत्नी के बैंक लॉकर खंगाले. इस कार्रवाई के बाद मनीष सिसोदिया ने कहा कि,उनके, लॉकर में भी कुछ नहीं मिला.जांच एजेंसी भी मानती है कि, मैं ईमानदार हूं ।
BJP का आरोप
ED और CBI की कार्रवाई वार-पलटवार का सिलसिला भी बड़ी तेजी से चल रहा है. दोनों ओर से दावे और दांव चले जा रहे हैं. मधुशाला बनाम पाठशाला को लेकर बीजेपी कह रही है कि, जनता ने मांगी थी पाठशाला और दिल्ली सरकार ने दे दी मधुशाला. बहरहाल, शराब नीति से लेकर लोकपाल तक. अन्ना हजारे ने सवाल और आरोपों का चिट्ठा इस चिट्ठी में लिख दिया. वहीं मधुशाला बनाम पाठशाला के इस संग्राम में सवाल ये है कि, अन्ना हजारे की इस चिट्ठी के मायने क्या?
