अयोध्या : 40 दिन की सुनवाई के बाद अयोध्या पर फैसला आने वाला है, कयास लगाए जा रहे है कि 17 नवंबर से पहले फैसला आ सकता है, ऐसे में सरकार ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के तमाम इंताजाम किए है, केन्द्र से अतिरिक्त सुरक्षा बल भी मांगा गया है, कई राज्यों में अलर्ट जारी किया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद डीएम एसएसपी के साथ लगातार बैठकर कर रहे है वहीं संघ और मुसिलम समुदाय भी बैठक कर शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है
आस पास के लोग हुए सतर्क
अयोध्या में विवादित भूमि के आसपास रहने वाले कई परिवार इसे लेकर पहले से ही सतर्क हो गए हैं. कुछ लोग तो अपने पूरे परिवार के साथ अयोध्या के बाहर किसी रिश्तेदार के यहां जा रहे हैं. कई लोगों ने खाने-पीने की जरूरी चीजों को घर में इकट्ठा करना शुरू कर दिया है. वहीं, कई लोग ऐसे भी हैं जिन्होंने की विवाह की तय तारीखों में बदलाव कर दिया है.
‘सैयदवाडा को बनाया जा सकता है निशाना’
अयोध्या के सैयदवाडा में इसे लेकर खास सजगता बरती जा रही है. सैयदवाडा में मुस्लिम समुदाय की अच्छी-खासी आबादी रहती है. अयोध्या में रहने वाले एक और शख्स ने नाम न बताने की सर्त पर कहा कि ‘वो लोग ऐसी बातें कर रहे हैं कि अगर फैसला राम मंदिर के पक्ष में नहीं आया तो दिक्कत हो जाएगी. ऐसी स्थिति में हम अपने परिवार को यहां दूर न भेजें तो और क्या करें.’
पिछले साल भी छोड़ा था घर
उन्होंने कहा कि पिछले साल नवंबर में जब विश्व हिंदू परिषद और शिवसेना के लोग अयोध्या आए तो उस समय भी कई सारे लोग अपना घर छोड़कर चले गए थे. हनुमानगढ़ी मंदिर के पास लड्डू की दुकान चलाने वाले घनश्याम गुप्ता का कहना है कि ‘हमने घर पर चावल और दाल जैसी जरूरी चीजों को इकट्ठा करके रख लिया है.’ वहीं, अयोध्या निवासी उमर फारूख कहते हैं कि यहां पर दिक्कत उमय शुरू होती है जब लोग बाहर से आना शुरू कर देते हैं. नहीं तो, यहां हम सब मिलजुलकर रहते हैं.
