एंटरटेनमेंट डेस्क : बॉलीवुड की खूबसूरत अदाकारा हेमा मालिनी का आज 16 अक्टूबर को जन्मदिन है. बॉलीवुड में ड्रीम गर्ल के नाम से मशहूर हेमा मालिनी आज 70 साल की हो गई हैं. बॉलीवुड में कई सारी अभिनेत्रियां आईं और गईं लेकिन ड्रीम गर्ल की जगह कोई भी नहीं ले पाया. उनका स्टारडम आज भी बरकरार है. बता दें इस मुकाम पर पहुंचना हेमा के लिए आसान नहीं था. उन्होंने अपने करियर के शुरूआत में कई दिक्कते उठाई हैं. एक डायरेक्टर ने करियर के शुरुआती दौर में ही हेमा मालिनी को ये कहकर रिजेक्ट किया था कि उनका चेहरे किसी भी तरीके से स्टार अपील नहीं है. आइए आज हम आपको ये बताते हैं कि हेमा मालिनी का फिल्मी सफर कैसा रहा.
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आपको बता दें कि बॉलीवुड जर्नलिस्ट और क्रिटिक राम कमल मुखर्जी ने हेमा मालिनी के 69वें जन्मदिन पर उनकी ऑटो बायोग्राफी किताब को जारी किया था. जिसमें उन्होंने ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी के जीवन संघर्षों और उनकी सफलताओं के बारे में जिक्र किया. इस किताब में इस बात को भी बताया गया है कि कैसे हेमा मालिनी ने अपने फिल्मी करियर की तमिल फिल्मों से शुरूआत की थी. हेमा ने तमिल फिल्म में जय ललिता के साथ डेब्यू किया था. राम कमल मुखर्जी ने इस किताब का नाम ‘Hema malini ‘Beyond The Dream Girl’’ रखा है.
हेमा एक शानदार डांसर भी हैं. उन्हें भरतनाट्यम, कुचीपुड़ी और ओडिसी में प्रशिक्षण प्राप्त है. तमिलनाडु के अम्मानकुडी नामक स्थान में हेमा मालिनी का जन्म 16 अक्टूबर 1948 को हुआ था. आंध्र महिला सभा, चेन्नई में उनकी शिक्षा हुई. तमिलनाडु के कई शहरों में हेमा मालिनी का बचपन बीता है. हेमा मालिनी के पिता वी एस आर चक्रवर्ती तमिल फिल्मों के निर्माता थे. हेमा को 1964 में तमिल फिल्मों के ही एक डायरेक्टर श्रीधर ने ये कहकर के रिजेक्ट कर दिया था कि उनके फेस पर स्टार अपील नहीं है. लेकिन फिर भी वो बालीवुड में खुद को ड्रीम गर्ल के नाम से मशहूर करने में सफल रहीं. आज उन्हें हर कोई ड्रीम गर्ल के नाम से जानता है.
हिन्दी फिल्मों में उन्होंने साल 1968 में ‘सपनों का सौदागर’ से शुरूआत की थी. लेकिन उन्हें अपनी पहली सफलता 1970 में आई फिल्म ‘जॉनी मेरा नाम’ से मिली. साल 1971 में रमेश सिप्पी की आई फिल्म ‘अंदाज’ से हेमा को बड़ा ब्रेक मिला. इसके बाद 1972 में आई ‘सीता और गीता’ में उनके किरदार और उनकी एक्टिंग से वो बुलंदियों पर पहुंच गईं. जिसके बाद उनकी ‘अमीर-गरीब’, ‘प्रतिज्ञा’, ‘धर्मात्मा’, ‘प्रेम नगर’ ‘सन्यासी’ और ‘खुशबू’ जैसी कई सारी फिल्में आईं. उन्होंने अपने करियर में कई बड़े अभिनेताओं के साथ में काम किया है. साल 1975 में आई उनकी मेगा हिट फिल्म ‘शोले’ में अपने संवाद और अल्हड़ अंदाज की वजह से हेमा मालिनी सबकी जुंबा पर चढ़ गईं. इस फिल्म से वो वसंती के नाम से भी फेमस हो गईं.
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जानकारी दे दें कि राज कपूर पहले शख्स थे जिन्होंने हेमा मालिनी का स्क्रीन टेस्ट लिया था. हेमा खुद इस बात को मानती हैं कि आज वो जो कुछ भी हैं राज कपूर की वजह से हैं. अनंत स्वामी फिल्मों में हेमा मालिनी को ब्रेक देने वाले पहले निर्माता थे. उन्होंने ‘सपनों का सौदागर’ में उन्हें रोल दिया था. इस फिल्म में वो राज कपूर के साथ दिखाई दी थीं. इस फिल्म के दौरान हेमा केवल 16 साल की थीं. हेमा मालिनी की मां ने साल 1977 में उन्हें लेकर ‘ड्रीम गर्ल’ नाम से एक फिल्म भी बनाई थी. हेमा मालिनी ने साल 1980 में धर्मेंद्र से शादी की थी. इन दोनों ने साथ में करीब 25 फिल्मों में काम किया है.

