नई दिल्ली : आने वाले लोकसभा चुनाव से पहले अलग-अलग पार्टी अपने अलग-अलग पैंतरे से जनता के वोटों को साधना चाहती हैं. आगामी लोकसभा चुनावों के लिए भारतीय जनता पार्टी ने भी अपने एक एक पत्ते रह रहकर खोल रही है. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत के मन की बात कैंपेन की शुरुआत कर दी.
इस कैंपेन के जरिये पार्टी लोगों की राय लेकर अपना संकल्प पत्र तैयार करने की योजना बना रही है. इस मौके पर अमित शाह ने कहा कि “साल 2014 के पहले देश की क्या स्थिति थी और 2014 के बाद क्या स्थिति है. 2014 के पहले देश के अंदर लोकतंत्र के बहुत बड़े हिस्से की आस्था डिगाने वाली थी. 30 साल तक गठबंधन सरकार का दौर रहा. देश के बहुत बड़े तबके को लगने लगा कि हमारी संसदीय प्रणाली काम कर पाएगी या नहीं. हमारी संसदीय प्रणाली देश को विश्व में उचित स्थान दिला पाएगा. ये आशंका 2014 तक थी.”
शाह ने साल 2014 के पहले कि देश की समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि 2014 से पहले इन समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठो, कदम नहीं उठाए गए. 50 करोड़ गरीबों के जीवन के लिए टुकड़ों-टुकड़ों में बजट को लाया जाता रहा. सिर्फ चुनाव जीतने के लिए वादे किए गए जिससे देश का अर्थतंत्र कमजोर होता गया.
बीजेपी अध्यक्ष के आगे अपनी बात रखते हुए कहा कि “युवा देश के विकास के साथ जुड़े, इसे दिशा में कोई रणनीतिक फैसले नहीं किए गए. लोगों को नहीं लगता था उसको देश के लिए कुछ करना है. वह सिर्फ परिवार के लिए सोचता था. जिसको नीतिगत फैसले लेने थे वो सरकार चलाने में लगे.”
उन्होंने मौजूदा सरकार की तारीफ करते हुए आगे कहा कि “सरकार सिर्फ 5 साल के लिए नहीं होती है, ये चलती रहती है. 5 साल की सरकारों ने देश को पीछे धकेल दिया. 2014 में जनता ने बड़ा फैसला लिया. आजादी के बाद पहली बार किसी गैर कांग्रेसी सरकार को बहुमत मिला. मोदी की सोच ने देश की स्थिति को बदला है और दुनिया में भारत को सम्मान के साथ देखा जा रहा है.”
