मेरठ : बुलंदशहर हिंसा में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या मामले के आरोपी जम्मू की 22 आरआर यूनिट में तैनात फौजी जितेंद्र उर्फ जीतू को सेना ने एसटीएफ मेरठ को सौंप दिया. शनिवार की देर रात सेना के द्वारा आरोपी को एसटीएफ मेरठ भेजे जाने के बाद पुलिस उसे घटनास्थल स्याना ले आयी और फिर उससे लगातार पूछताछ की जा रही है.
एसटीएफ के द्वारा की जा रही इस पूछताछ में आरोपी ने कई बाते बतायी. मेरठ और नोएडा एसटीएफ की टीम ने देर रात तक फौजी से पूछताछ की जिसमें उसने कई खुलासे किए. एसएसपी एसटीएफ ने बताया कि जितेंद्र ने ये माना कि घटना के दौरान वो मौके पर था लेकिन ये नहीं कहा जा सकता कि इंस्पेक्टर या सुमित को गोली मारने वाला व्यक्ति जीतू ही है. जितेंद्र ने बताया कि वह ग्रामीणों के साथ वहां गया लेकिन उसने पुलिस पर पत्थरबाजी नहीं की. इसके साथ ही आरोपी के मोबाइल की फोरेंसिक जांच भी करने की बात चल रही है.
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वहीं बुलंदशहर में हुई हिंसा को लेकर की गयी कार्रवाई की गाज एसएसपी कृष्णबहादुर सिंह पर गिरी. एडीजी इंटेलीजेंस की रिपोर्ट के सामने आने के बाद शनिवार को शासन के द्वारा कृष्ण बहादुर सिंह को हटा दिया गया और उनकी जगह सीतापुर के एसपी प्रभाकर चौधरी को बुलंदशहर को एसएसपी पद पर नियुक्त किया गया. कृष्णबहादुर सिंह को फिलहाल, डीजीपी दफ्तर से संबद्ध रखा गया है.
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इस बदलाव को लेकर प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने कहा कि “डीजीपी कार्यालय से संबद्ध एलआर कुमार को सीतापुर का एसपी बनाया है. इससे पहले बुलंदशहर में स्याना सर्किल में तैनात रहे डीएसपी सत्यप्रकाश शर्मा और चिंगरावठी चौकी प्रभारी सुरेश कुमार को भी हटाने का निर्देश मुख्यमंत्री ने दिया था. इन दोनों पुलिसकर्मियों को भी नई तैनाती दे दी गयी है.”
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इसके अलाव जानकारी ये भी है कि मामले में जांच के लिए एसआईटी गठित की गयी थी. प्रदेश मुख्यालय से एडीजी इंटेलीजेंस एसबी शिरडकर को शुरुआती जांच की जिम्मेदारी दी गयी थी और बुलंदशहर भेजा गया था.
