लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) आज बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे (Bundelkhand Expressway) के निर्माण कार्यों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस एक्सप्रेस वे का काम इसी साल दिसंबर तक पूरा हो जाएगा. बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे चित्रकूट के भरतकूप के पास से शुरू होकर बांदा, हमीरपुर, महोबा और औरैया होते हुए इटावा के कुदरैल गांव के पास आगरा एक्सप्रेस-वे से जुड़ेगा. इससे न सिर्फ बुंदेलखंड से देश की राजधानी दिल्ली (Delhi) तक आने-जाने में समय और संसाधनों की बचत होगी. बल्कि ईंधन (डीजल और पेट्रोल) की खपत घटने से प्रदूषण (Pollution) भी घटेगा.
बुंदेलखंड की गिनती प्रदेश के सबसे पिछड़े क्षेत्रों में होती है. नीति आयोग ने कायाकल्प के लिए यूपी के जिन आठ जिलों को चुना है उनमें चित्रकूट भी एक है. यह संयोग है कि चित्रकूट से ही एक्सप्रेस-वे की शुरुआत भी हुई है.
सीएम ये कई बार यह कह चुके हैं कि शौर्य, संस्कार और परंपरा की धरती बुंदेलखंड आने वाले समय में उत्तर प्रदेश का स्वर्ग होगी. इसमें प्रस्तावित ‘डिफेंस कॉरीडोर’ और ‘पूर्वांचल एक्सप्रेस वे’ की महत्वपूर्ण भूमिका होगी. डिफेंस कॉरीडोर में देश-विदेश के निवेशकों को आकर्षित करने के लिए लखनऊ में डिफेंस एक्सपो 2020 का सफल आयोजन किया गया था.
इसके तुरंत बाद बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के शिलान्यास और जलजीवन मिशन से बुंदेलखंड के विकास के प्रति केंद्र और प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता साबित हो रही है. इन परियोजनाओं के पूरा होने पर बीजेपी के नारे ‘सबका साथ, सबका विकास’ और ‘सबके भरोसे’ को चरितार्थ करेंगी.
