लखनऊ: एक पुत्र के सिर से पिता के साये का जाना एक बेटे के लिए वो अपूर्णीय क्षति होती है जिसका खालीपन कभी भरा नहीं जा सकता. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, संत और गोरक्षपीठ के प्रमुख योगी आदित्यनाथ के पिता आनंद सिंह बिष्ट का एम्स में निधन हो गया. कोरोना काल में प्रदेश की सेवा में लगे सीएम योगी आदित्यनाथ को जब ये खबर मिली थी तो तब वो टीम-11 की मीटिंग ले रहे थे. अधिकारियों के लगा था कि, अब मीटिंग समाप्त हो जाएगी लेकिन कर्मयोगी योगी आदित्यनाथ ने पूरे 40 मिनट तक रोजाना की तरह मीटिंग ली. फिर कयास लगने लगे कि, क्या सीएम योगी अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे. तब सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपनी मां को एक भावुक पत्र लिखा….
मां के नाम सीएम योगी आदित्यनाथ का पत्र
अपने पूज्य पिताजी के कैलाशवासी होने पर मुझे भारी दुख एवं शोक है। वे मेरे पूर्वाश्रम के जन्मदाता हैं। जीवन में ईमानदारी, कठोर परिश्रम एवं निस्वार्थ भाव से लोकमंगल के लिए समर्पित भाव के साथ कार्य करने का संस्कार बचपन में उन्होंने मुझे दिया। अन्तिम क्षणों में उनके दर्शन की हार्दिक इच्छा थी परन्तु वैश्विक महामारी कोरना वायरस के खिलाफ देश की लड़ाई को उत्तर प्रदेश की 23 करोड़ जनता के हित में आगे बढ़ाने का कर्तव्यबोध के कारण मैं न कर सका। कल अप्रैल को अंतिम संस्कार के कार्यक्रम में लॉकडाउन की सफलता तथा महामारी को परास्त करने की रणनीति के कारण भाग नहीं ले पा रहा हूं। पूजनीया मां, पूर्वाश्रम से जुड़े सभी सदस्यों से भी अपील है कि, लॉकडाउन का पालन करते हुए कम से कम लोग अंतिम संस्कार के कार्यक्रम में रहें। पूज्य पिताजी की स्मृतियों को कोटि-कोटि नमन करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा हूं लॉकडाउन के बाद दर्शनार्थ को आऊंगा।

योगी आदित्यनाथ
