नई दिल्ली : जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को खत्म करने का संकल्प राज्यसभा में पारित होने के बाद आज सुबह 11 बजे लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही जम्मू कश्मीर पुनर्गठन विधेय़क को लोकसभा में पेश किया गया. जिस वक्त केंद्र सरकार की ओर से बिल को पेश किए जा रहा था, उस वक्त कांग्रेस की ओर से सांसद अधीर रंजन चौधरी ने सरकार के फैसले का विरोध किया. उन्होंने आरोप लगाया कि कश्मीर को रातोंरात बांट दिया गया.
कांग्रेस सांसद का जवाब देते हुए अमित शाह ने उन्हें जवाब देते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है. इसके बारे में कोई कानूनी या संवैधानिक विवाद नहीं है. शाह ने कहा, जब जम्मू-कश्मीर की बात करता हूं तो पीओके इसमें ही आता है. उन्होंने विपक्षी सदस्यों के हंगामें पर कहा कि मैं इसलिए गुस्सा हूं कि आप पीओके को भारत का हिस्सा नहीं मानते हो क्या? हम पीओके के लिए जान दे देंगे. PoK और अक्साई चिन भी भारत का हिस्सा है.
