इमरान प्रतापगढ़ी ने निभाया वादा, शहीद की कैंसर पीड़ित मां को दी 1लाख की मदद, ‘कहा अपना ही बेटा समझना’

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चंदौली/प्रतापगढ़: किसी से किया वादा कैसे निभाया जाता है, ये सीखना हो तो कोई देश के अजीम शायर इमरान प्रतापगढ़ी से सीखे. सियासी वादों के इस दौर में जहां वादे, वादे ही रह जाते हैं. तब मशहूर शायर इमरान प्रतापगढ़ी ने नेताओं को आइना दिखाया.

वादे के मुताबिक शहीद अवधेश यादव के परिवार से मिलने पहुंचे

अपने वादे के मुताबिक इमरान प्रतापगढ़ी शुक्रवार की शाम चंदौली के शहीद अवधेश कुमार के परिवार से मिलने पहुंचे. गम की इस घड़ी में इमरन ने शहीद अवधेश के परिवार के लोगों को ढांढस बंधाया उनका हौसला बढ़ाया. अवधेश के पिता और कैंसर पीड़ित मां से बहुत देर तक बात भी की. और कहा कि, हर समय आपके साथ हूं.

कैंसर पीड़ित मां को दिया 1 लाख का चेक


अवधेश यादव की शहादत के बाद इमरान प्रतापगढ़ी को जब पता चला कि, अवधेश यादव की मां मालती यादव को कैंसर है और ड्यूटी जाने से पहले अवधेश उनसे इलाज की बात कह कर गए थे. लेकिन वो शहीद हो गए थे.तब शहीद की मां के दर्द को समझते हुए इमरान प्रतापगढ़ी ने उनके कैंसर का इलाज कराने का वादा किया. और कहा था कि, शहीद परिवार से बहुत जल्द मिलने जाउंगा. शुक्रवार को उनके घर पहुंचकर इमरान ने उनकी मां को 1 लाख रुपए का चेक दिया. और हर संभव मदद का भरोसा भी दिया.

इमरान के पहुंचने पर उमड़ा हजारों लोगो का हुजूम


बता दें कि, चंदौली के ग्राम बहादुरपुर निवासी अवधेश यादव कश्मीर में हुए आत्मघाती हमले में शहीद हो गए थे. उसी दौरान इमरान प्रतापगढ़ी ने परिवार की मदद का ऐलान किया था. शुक्रवार की शाम जब वो गांव पहुंचे तो इमरान प्रतापगढ़ी की एक झलक पाने को लोगों का हुजुम उमड़ पड़ा हर किसी ने इमरान प्रतापगढ़ी की शहीद परिवार को मदद की तारीफ भी की.

इमरान ने कहा कहा अवधेश की तरह ही समझना
कहते हैं कि, इंसान वही जो बुरे वक्त में काम आए. एक तरफ बेटा शहीद हुआ तो दूसरी तरफ परिवार के सामने कई परेशानियां हैं. उस घड़ी में मिलने पहुंचे इमरान प्रतापगढ़ी ने apnauttarpradesh.co.in की टीम को बताया कि, शहीद की मां मालती और पिता हरिकेश यादव से रूंधे हुए गले से मैं इतना ही कह पाया कि, अम्मा और बाबू जी इमरान को अवधेश की तरह ही समझना

‘एक बेटा मां से मिलने आया है’
देश के मशहूर शायर इमरान प्रतापगढ़ी के शब्दों में इस मुलाकात को कहें तो…

न पूछो जाति-मज़हब और कहाँ से मिलने आया है.

ज़मीं का एक ज़र्रा आसमाँ से मिलने आया है !

वतन पर मिटने वाले लोग मेरे भाई जैसे हैं.

यहां बस एक बेटा अपनी माँ से मिलने आया है !

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