नई दिल्ली : रविवार शाम जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में हुई हिंसा से एक दिन पहले यूनिवर्सिटी के सर्वर रूम में कथित रूप से तोड़फोड़ करने के मामले में जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष ऐशी घोष और 19 अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. 3 जनवरी के मामले में भी एक एफआईआर दर्ज की गई है, लेकिन उसमें घोष का नाम नहीं है. जबकि लेफ्ट विंग के छात्रों के नाम दर्ज है. 4 जनवरी को जो मारपीट और सर्वर रूम तोड़ने की एफआईआर है उसमें ऐशी घोष और उनके 7-8 साथियों के नाम है.
JNU प्रशासन ने दर्ज करवाई FIR
ये दोनों एफआईआर जेएनयू प्रशासन की तरफ से दर्ज कराई गई थी. जेएनयू में हुई हिंसा में कुछ छात्रों और शिक्षकों समेत 34 लोग जख्मी हुए हैं. इस हिंसा में ऐशी घोष को सिर में चोट आई थी. वहीं, दूसरी ओर हाथों में टैम्बोरिन और गिटार लिए तथा क्रांति के गीत गाते प्रदर्शनकारियों ने जेएनयू में हुए हमले के विरोध में गेटवे ऑफ इंडिया और ताज महल पैलेस होटल के बाहर रातभर प्रदर्शन किया. हालांकि, पुलिस ने बताया कि अब प्रदर्शनकारियों को गेटवे ऑफ इंडिया से हटाकर आजाद मैदान भेज दिया गया है. रविवार आधी रात को दक्षिण मुम्बई के कोलाबा में गेटवे ऑफ इंडिया के सामने बड़ी संख्या में छात्रों और महिलाओं सहित बड़ी संख्या में लोग जमा हुए थे. बाद में अनुराग कश्यप, स्वरा भास्कर और विशाल ददलानी जैसी बॉलीवुड हस्तियां भी यहां पहुंची.
रविवार रात हुई थी हिंसा
गौरतलब है कि जेएनयू परिसर में रविवार रात लाठियों और लोहे की छड़ों से लैस कुछ नकाबपोश लोगों ने परिसर में प्रवेश कर छात्रों तथा शिक्षकों पर हमला कर दिया था और परिसर में संपत्ति को नुकसान पहुंचाया था. बाद में प्रशासन को पुलिस को बुलाना पड़ा. आईआईटी बॉम्बे, टीआईएसएस और एएसएफआई के छात्रों समेत कई छात्र संगठनों के सदस्यों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारे भी लगाए. प्रदर्शन स्थल पर भारी पुलिस की तैनाती की गई थी और प्रदर्शनकारियों को पानी, चाय, बिस्कुट और फल दिए गए. नागरिक निकायों ने शौचालय की व्यवस्था भी की.
