लखनऊ/अलीगढ़: उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम और राजस्थान के पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह का शनिवार को लखनऊ के संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एसजीपीजीआई) में निधन हो गया. डॉक्टरों ने बताया क सेप्सिस और मल्टी ऑर्गन फेल्योर के कारण उनका निधन हुआ है.
यूपी के पूर्व सीएम और राज्यपाल कल्याण सिंह 48 दिनों से अस्पताल में भर्ती थे. 7 दिनों से वेंटिलेटर पर थे. 21 जून को उन्हें सांस लेने में तकलीफ होने के कारण लखनऊ के लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इसके बाद स्वास्थ्य में सुधार न होने पर 4 जुलाई को उन्हें PGI शिफ्ट किया गया था. उन्होंने 89 साल की उम्र में SGPGI में आखिरी सांस ली.
कल्याण सिंह के निधन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, अखिलेश यादव, मायावती ने शोक व्यक्त किया है. कल्याण सिंह को याद करते हुए अमित शाह ने कहा, वो राम मंदिर आंदोलन के नायक थे. उनका जाना देश की राजनीति के बहुत बड़ी क्षति है.
कल्याण सिंह का जीवनचक्र
कल्याण सिंह का जन्म 5 जनवरी 1932 को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के अतरौली तहसील के मढ़ौली गांव में हुआ था. लोग उन्हें बाबूजी कहकर बुलाते थे. बीजेपी के कद्दावर नेताओं में शुमार होने वाले कल्याण सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और राजस्थान के राज्यपाल भी रहे. एक दौर में कल्याण राम मंदिर आंदोलन के सबसे बड़े चेहरों में से एक थे. उनकी पहचान हिंदुत्ववादी और प्रखर वक्ता के तौर पर थी. कल्याण सिंह 2 बार यूपी के मुख्यमंत्री रहे.
वह भाजपा के यूपी में पहले सीएम भी थे. पहले कार्यकाल में 24 जून 1991 से 6 दिसम्बर 1992 तक और दूसरी बार 21 सितंबर 1997 से 12 नवंबर 1999 तक मुख्यमंत्री रहे.
