मैनपुरी में बदलेगा इतिहास, 25 साल बाद एक मंच पर होंगे मायावती-मुलायम सिंह

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लखनऊ : 25 साल पहले गेस्ट हाउस कांड से शुरु हुए मायावती और मुलायम सिंह की दुश्मनी आज दोस्ती में बदलने जा रही है, 25 साल पहले जुदा हुआ दोनों नेताओं का सफर आज एक रास्ते पर आ रहा है, क्योंकि 25 साल बाद मायावती और मुलायम सिंह एक बार फिर मंच पर एक साथ नजर आएंगे

25 साल पहले आए थे एक मंच पर
बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद हुए विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के तत्कालीन मुखिया मुलायम सिंह यादव और बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक कांशीराम ने गठबंधन किया था, तब बीजेपी को हराने के लिए दोनों नेताओं ने एक साथ रैलियां की थी, इस रैली में मायावती भी मंच पर मौजूद थीं, मगर उन्हें संबोधन करने का मौका नहीं मिला था

19 अप्रैल को बनेगा इतिहास
अब 19 अप्रैल को एक बार फिर दोनों नेता एक मंच पर एक साथ इतिहास रचेंगे, मुलायम सिंह के गढ़ मैनपुरी में गठबंधन की संयुक्त रैली है, जिसमें मायावती, अखिलेश, अजीत सिंह और मुलायम सिंह मंच पर मौजूद रहेंगे, इस रैली में मायावती मुलायम सिंह का प्रचार करती दिखाई देंगीं, उनके लिए वोट मांगती नजर आएंगी.

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उठ रहे कई सवाल
मायावती की मैनपुरी में रैली कई सवाल भी खड़े कर रही है, विपक्षी पार्टियों का कहना है कि मैनपुरी मुलायम सिंह का गढ़ रही हैं, कई बार वो यहां से सांसद रहे हैं, ऐसे में क्या मुलायम सिंह को मायावती की रैली की जरुरत है, क्या. मुलायम सिंह अपने ही गढ़ में कमजोर हो गए हैं, जो उनके लिए मायावती प्रचार करेंगे.

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