पुलवामा हमले के बाद से देश में चल रहे आंतकी गतिविधियों पर सरकार और पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. एयर स्ट्राइक के जरिए आंतकवादियों को इस बात का सबूत तो दें दिया गया है कि वो किसी भी तरीके से आंतकवाद और आंतकी संगठनों को चलाने वालों को नहीं छोड़ने वाले है. देश के अदंर एक ऑपरेशन भी चल रहा है जिसके अंदर आंतकवाद से जुड़ी हर गतिविधि को रोकने के लिए कदम उठाए जा रहे है.
पाकिस्तानीआंतकवादी हाफिज सईद को कौन नहीं जानता है जो आएं दिन पाकिस्तान से भारत के खिलाफ जहर उगलता रहता है. आपको बता दें कि 12 मार्च को ईडी ने गुरुग्राम में लश्कर चीफ हाफिज सईद से जुड़ा एक विला जब्त किया है, जिसकी कीमत 1.03 करोड़ रुपये बताई जा रही है। वैसे तो ये विला श्रीनगर के कारोबारी जहूर अहमद शाह वटाली का था लेकिन इसे हाफिज सइद ने फंड किया था.
गौरतलब है कि हाफिज सईद वहीं शख्स है जो मुंबई में 2008 में हुए आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड है. इससे पहले वटाली को एनआईए ने अगस्त में टेरर फंडिंग केस में गिरफ्तार कर लिया था. विला को जब्त करने के बारे में ईडी का कहना है कि विला को पाकिस्तान स्थित फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन की ओर से फंड करने के बाद खरीदा गया था. इस फाउंडेशन को सईद ही चलाता है. फिलहाल जानकारी मिल रही है कि विला को हवाला और यूएई से आए पैसों से खरीदा गया था. टेरर एक्टिविटिज स्पॉन्सर करने के लिए फंडिग की गई थी.
दरअसल, एनआईए की जांच के आधार पर ईडी ने मामला दर्ज किया था. इसके बाद मनी लॉन्ड्रिंग की जांच की गई थी. जांच में ईडी को पता चला कि सलमान नाम के व्यक्ति को भी पाकिस्तान के एफआईएफ और यूएई से टेरर एक्टिविटी के लिए फंड किया गया था.
